नगर प्रशासन के खिलाफ नारे बुलंद करते हड़ताली सफाईकर्मी और दलित विकास परिषद के जिलाध्यक्ष ओंकार प्रसाद
ख़ुसरू परवेज़ | जिला संवाददाता, रोहतास
बुधवार को नगर प्रशासन से वार्ता विफल होने के बाद अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नासरीगंज शहर के लगभग पांच दर्जन सफाई कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये। इनकी प्रमुख मांगों में दैनिक पारिश्रमिक में वृद्धि, निष्कासित महिला कर्मियों की पुनः बहाली और उपस्थिति पंजी में इनकी पूरे माह की उपस्थिति दर्ज किया जाना इत्यादि शामिल हैं। सफाईकर्मियों ने बताया कि इन्हें विगत कई वर्षों से मात्र दो सौ साठ रूपये ही पारिश्रमिक मिल रहा है। जबकि सासाराम, डेहरी, बिक्रमगंज व नोखा आदि जगहों पर सफाईकर्मियों को तीन सौ रुपपे से ज्यादा का भुगतान हो रहा है। हड़तालियों ने बताया कि नगर पंचायत कार्यालय में कार्यपालक सहायक से बात चीत बेनतीजा रही। इधर गुरुवार को दलित विकास परिषद के जिलाध्यक्ष ओंकार प्रसाद ने सभी सफाईकर्मियों के साथ बैठक की। जिसमें एक साल पूर्व में कार्य से निष्कासित महिला सफाईकर्मी भी शामिल हुईं। इन्होंने आरोप लगाया कि कई महीने इनसे काम लेने के बाद बिना कोई कारण बताए इन्हें हटा दिया गया। वहीं परिषद के जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि सफाई के लिए बंदोबस्तधारी एनजीओ प्रत्येक माह लाखों रूपये का बंदर बांट कर रही है। और इस पर प्रशासन का नियंत्रण नहीं है। जिलाध्यक्ष ने यह भी मांग की है कि सफाईकर्मियों को नियमित किया जाए और राज्य में सफाई मजदूर आयोग का गठन किया जाए ताकि ये अपनी बातों को निर्भीक रूप से आयोग के समक्ष रख सकें। और इन्हें न्याय मिल सके। वहीं नगर के ईओ सुशील कुमार ने कहा है कि सफाईकर्मियों ने हड़ताल संबंधी कोई सूचना आधिकारिक तौर पर कार्यालय को नहीं दी है। यदि वे आवेदन देते हैं तो इनकी उचित मांगों पर विचार किया जाएगा।

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