न्यूज़ डेस्क। नीतीश कुमार के युग का अंत हो गया है। अब बिहार के नए मुख्यमंत्री बने सम्राट सिंह चौधरी युग शुरू हो गया है। वह अब बिहार की सीएम की कुर्सी पर बैठेंगे। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि बिहार में बीजेपी के पास और भी कई बड़े नेता हैं, जो सेंट्रल की राजनीति का अनुभव भी रखते हैं।
ऐसे में पीएम मोदी और अमित शाह ने आखिर सम्राट चौधरी पर ही क्यों दांव लगाया है। क्या यह सोची समझी रणनीति है, जिसका लाभ यूपी ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी मिल सकता है। आइए जानते हैं सम्राट को सीएम बनाने की क्या है वजह?
कौन हैं बिहार के सीएम सम्राट सिंह चौधरी
सबसे पहले जानते हैं कि आखिर सम्राट सिंह चौधरी कौन हैं। तो बता दें कि सम्राट सिंह तारापुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं। वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में बिहार के उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह बिहार में बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। सम्राट चौधरी को बिहार सरकार और लंबे समय तक पार्टी में संगठन की अहम भूमिका निभाने का अनुभव है। वह लालू-राबड़ी से लेकर नीतीश सरकार तक में मंत्री रह चुके हैं। 1999 में उन्हें राबड़ी देवी सरकार में उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया था।
सम्राट चौधरी को ही क्यों बनाया बिहार का सीएम
बता दें कि सम्राट सिंह चौधरी कोइरी (कुशवाहा) जाति से आते हैं। जो बिहार में यादव के बाद दूसरे नंबर की जाति है। बीजेपी के लिए उनकी जाति मजबूत वोट बैंक मानी जाती है। इसके अलावा वह अन्य पिछड़ा वर्ग के बड़े चेहरे भी हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी सम्राट चौधरी को आगे लाकर यादवों के मुकाबले कोइरी समाज को साधना चाहती है। साथ ही बिहार के साथ साथ यूपी में भी कुशवाह जाति भी ज्यादा है, तो बिहार के जरिए एक साल बाद यूपी साधने की तैयारी भी है। सबसे बड़ी वजह है कि वह बिहार में राबड़ी से लेकर नीतीश सरकार तक में मंत्री रह चुके हैं। यानि उन्हें हर सरकार का अनुभव है। इसलिए और उन्हें सीएम बनाया गया है।
कौन हो सकता है जेडीयू से डिप्टी सीएम?
बहरहाल बिहार में जदयू कोटे से उपमुख्यमंत्री को लेकर अब भी सस्पेंस बरकरार है। डिप्टी सीएम पद के लिए निशांत कुमार अभी भी तैयार नहीं है। सुबह में चर्चा थी कि निशांत कुमार उपमुख्यमंत्री के लिए तैयार हो गए हैं। लेकिन एक बार फिर से निशांत कुमार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं लेने की बात कर रहे हैं। सूत्रों के हवाले से खबर यदि निशांत कुमार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं लेते हैं तो जदयू कोटे से विजेंद्र प्रसाद यादव विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं।

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