नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 से लोकतंत्र होगा और मजबूत : किरण घई सिन्हा



पटना, 14 अप्रैल।
भारतीय जनता पार्टी की पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष Kiran Ghai Sinha ने कहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी का ऐतिहासिक अधिकार प्रदान किया है।

श्रीमती सिन्हा ने अपने बयान में कहा कि संसद के नए भवन में प्रवेश के साथ ही लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों से मात्र दो दिनों में पारित कराना सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से वे अब नीति निर्माण में प्रत्यक्ष भागीदारी निभा सकेंगी।

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम सामाजिक न्याय और समावेशी राजनीति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो संविधान में निहित समानता के मूल भाव को साकार करता है। इससे महिलाओं को केवल लाभार्थी की भूमिका तक सीमित न रहकर नीति निर्धारण में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा।

श्रीमती सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी अनेक योजनाएं चलाई हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में हुए सुधारों के कारण बालिकाओं के नामांकन में वृद्धि, मातृ मृत्यु दर में कमी और लिंगानुपात में सुधार दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, उद्योग, कृषि, खेल और सुरक्षा जैसे सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं ने जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत किया है और एक सक्षम नेतृत्व विकसित किया है।

श्रीमती सिन्हा ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से राजनीति में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब इस अधिनियम को लागू करने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए, ताकि देश की आधी आबादी को उसका उचित अधिकार मिल सके।

उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद इस महत्वपूर्ण विषय पर सर्वसम्मति से निर्णय लेकर एक अधिक प्रतिनिधिक, संतुलित और सशक्त लोकतंत्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेगी।

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