संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गुरु शिष्य परंपरा (रिपट्री ग्रांट) के लिए मिलने वाले अनुदान को देश के हजारों संस्थाओं को निरस्त या कुल ऑफ के खिलाफ एकजुट हुए कलाकार साझा संघ।




गुरु शिष्य परम्परा, रेपर्टरी अनुदान के लिए कल संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने एक सूचना जारी कर निरस्त सभी संस्थाओं को पिछले 4 सालों का कार्य से संबंधित कागजात मांगे हैं । रंगकर्मी इस सूचना को तत्काल राहत के रूप में देख रहे हैं लेकिन अभी भी संस्कृति मंत्रालय के सूचना से बहुत सी बातें स्पष्ट नहीं है कि क्या आगे सभी संस्थाओं का निरस्त्रीकरण समाप्त कर दिया जायेगा या कोई और कारण बताया जाएगा। फिलहाल पूरे भारत के रंगकर्मियों के दिल्ली पहुंचने से एक रास्ता निकलता दिख रहा है।





जैसा कि ज्ञात है कि संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गुरु शिष्य परंपरा (रिपट्री ग्रांट) के लिए मिलने वाले अनुदान को देश के हजारों संस्थाओं को निरस्त या कुल ऑफ कर दिया गया है। ऐसी संस्थाओं में बिहार की लगभग 90 संस्थाएं हैं। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के इस आदेश पर पुर्नविचार करने के लिए देश के 18 राज्यों से 250 के करीब कलाकार दिल्ली पहुंचे जिसमें लगभग 20 रंगकर्मी बिहार से पहुंचे थे ।  




ज्ञात हो कि वरिष्ठ रंगकर्मी मिथलेश सिंह के मार्गदर्शन में एक विज्ञप्ति श्री मनोज तिवारी जी को सौंपा गया, दूसरी विज्ञप्ति मनीष जोशी, नीरज और डॉ. शैलेंद्र के साथ देश भर से आए समस्त कलाकारों ने मिलकर संस्कार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अभिजित गोखले जी को दिया। 





वहीं बिहार में भाजपा कला प्रकोष्ठ प्रमुख श्री वरुण कुमार सिंह एवं वरिष्ठ रंगकर्मी अभय सिन्हा, मिथलेश सिंह,नवाब आलम, प्रमोद कुमार त्रिपाठी एवं अमन कुमार, जहांगीर खान, सनत कुमार, मनोज मानव, उदय कुमार सिंह ने माननीय विधायक एवं बिहार के कृषि मंत्री श्री रामकृपाल यादव को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा, साथ ही वरुण सिंह भाजपा कला प्रकोष्ठ प्रमुख ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पटना साहेब के संसद श्री रविशंकर प्रसाद जी को भी ज्ञापन देकर इस पूरे मामले से अवगत कराया।




वहीं दिल्ली में बिहार को प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकारों में आशिफ अली, अमित रौशन, अजय कुमार, डॉ. शैलेंद्र, गणेश गौरव, मिथिलेश सिंह, मो जानी, सनत कुमार, मो जहांगीर, आजाद हुसैन, पप्पु ठाकुर, हरिशंकर रवि, उदय कुमार सिंह, अजित कुमार, भारतेन्दु चौहान , शशिकांत कुमार , हरिकिशोर ठाकुर , अंज़रुल हक़, जफर आलम आदि। बिहार से इस पूरे घटना क्रम को कलाकार साझा संघ ने बड़ी गंभीरता से लिया है और कलाकारों के साथ अपनी प्रतिवद्धता के साथ एकजुटता के लिए अपील की है ।

कलाकार साझा संघ, बिहार



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