इमैजिनेशन के कलाकारों ने मुंशी प्रेमचंद के कालजयी नाटक 'प्रेम की वेदी' की प्रेमचंद रंगशाला में प्रभावशाली प्रस्तुति दी।




पटना, 16 जुलाई 2026: सांस्कृतिक संस्था इमैजिनेशन, बिहार ने साहित्य सम्म्राट मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित कालजयी नाटक प्रेम की वेदी' का प्रभावशाली मंचन किया। इस प्रस्तुति का निर्देशन युवा रंगनिर्देशक सत्यम कुमार सिंह ने किया. जिन्होंने प्रेमचंद की इस क्लासिक कृति को समकालीन सामाजिक संदर्भों से जोड़ते हुए एक नए रंगमंचीय दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया।





नाटक में पारिवारिक मर्यादा, प्रेम की पवित्रता तथा समाज में व्याप्त बेमेल विवाह, जातिगत भेदभाव और दहेज जैसी कुरीतियों के बीच संघर्ष को संवेदनशीलता के साथ मंचित किया गया। कहानी के केंद्र में दो युवा प्रेमियों की मार्मिक कथा रही, जो एक-दूसरे से सच्चा प्रेम करते हैं, किंतु समाज की रूढ़िवादी सोच, जातिगत बंधनों, पारिवारिक प्रतिष्ठा और सामाजिक दबावों के कारण उनका प्रेम निरंतर संघर्ष करता है।





प्रस्तुति के चरम बिंदु पर यह दिखाया गया कि किस प्रकार समाज अपनी झूठी प्रतिष्ठा और खोखली परंपराओं की रक्षा के लिए प्रेम जैसी पवित्र भावना का भी बलिदान कर देता है। नाटक ने इस प्रश्न को प्रभावी ढंग से दर्शकों के सामने रखा कि क्या आज भी समाज अपने युवाओं के सपनों और प्रेम की आहुति उसी सामाजिक वेदी पर चढ़ा रहा है।





निर्देशक सत्यम कुमार सिंह ने प्रेमचंद के इस कालजयी नाटक की आधुनिक संदर्भों के साथ प्रस्तुत करते हुए ऑनर किलिंग, जातिगत भेदभाव और सामाजिक पूर्वाग्रह जैसी समकालीन समस्याओं की ओर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रतीकात्मक रंगमंच, प्रभावशाली प्रकाश परिकल्पना, सशक्त पार्श्व संगीत तथा सथे हुए मंचीय शिल्प ने प्रस्तुति को और अधिक प्रभावशाली बनाया।

कलाकारों के सशक्त एवं संवेदनशील अभिनय ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों पर गंभीर चिंतन करने के लिए भी प्रेरित किया। प्रस्तुति ने अंततः यह संदेश दिया कि प्रेम कोई अपराध नहीं. बल्कि जीवन का सबसे सुंदर और पवित्र भाव है, जिसे रूढ़ियों और सामाजिक पूर्वाग्रहों की भेंट नहीं चढ़ाया जाना चाहिए।

नाटक में योगराज की भूमिका विशाल कुमार सिंह, जेनी की भूमिका जानवी सोनी. मिस गार्डन की भूमिका रितिका उपाध्याय, डॉक्टर की भूमिका पीयूष ओझा. विलियम की भूमिका अभीरथ सोनू, पोस्टमास्टर की भूमिका सौरभ, चंपा की भूमिका रूपाली तथा उमा की भूमिका खुशी ने निभाई।

प्रस्तुति की प्रकाश परिकल्पना रौशन कुमार ने तैयार की। सेट निर्माण सुनील विश्वकर्मा, प्रकाश एवं सौरभ पाठक ने किया। ध्वनि संचालन किशन कुमार एवं सौरभ कुमार, वेशभूषा शिवम् कुमा अनुज, तथा प्रोडक्शन कंट्रोलर की जिम्मेदारी रूपेश सुमित ने निभाई।

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