IDYM फाउंडेशन अंतरिक्ष के क्षेत्र में छात्र छात्राओं को प्रेरित करने वाला एक अद्वितीय प्लेटफार्म


IDYM फाउंडेशन अंतरिक्ष के क्षेत्र में छात्र छात्राओं को प्रेरित करने वाला एक अद्वितीय प्लेटफार्म है। छात्रों से सैटेलाइट तैयार करवाने एवं तैयार सैटेलाइट को प्रक्षेपण करने का एक अनोखा पहल है। सैटेलाइट निर्माण में दिशा निर्देश प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ अंतरिक्ष एजेंसी नासा, आई0 आई0 टी0 एवं इसरो जैसे विश्व विख्यात संस्था में अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों का टीम है। अंतरिक्ष कार्यक्रम के क्षेत्र में युवाओं के अंदर छुपी प्रतिभाओं को उजागर कर प्रेरित सपनों को साकार करने के लिए उत्साहित करना है।  

   फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक श्री रविशंकर कुमार का मानना है कि अंतरिक्ष एक अभिकल्प है जहां बच्चे अभिकल्पना कर अनन्त अविष्कार कर सकता है। वे छात्रों को प्रशिक्षित एवं स्वयं के अंतरिक्ष परियोजनाओं का सफल क्रियान्वयन के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की ओर कटिबद्ध हैं। फाउंडेशन पिछले 5 महीनों में भारत के 28 राज्यों के साथ साथ दुनिया के 21 से अधिक अन्य देशों में 128 से अधिक वर्कशॉप का सफलतापूर्वक आयोजन किया है। कक्षा चतुर्थ से कक्षा बारहवीं के 24000 हजार से अधिक छात्रों को अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम से सम्बंधित ऑनलाइन वर्कशॉप के माध्यम से छात्रों को प्रेरित करने का रिकॉर्ड स्थापित भी कर चुका है। सरवोत्तम सफलताओं को प्राप्त करने के लिए IDYM के पास 400 से अधिक विशेषज्ञ शिक्षाविदों का समर्पित टीम भी है।

     सैटेलाइट विनिर्माण में प्रत्यक्ष भागीदार अनुभवी वैज्ञानिकों में आई0 आई0 टी0 बॉम्बे से शिक्षा प्राप्त एवं विश्व विख्यात इसरो एवं डी0 आर0 डी0 ओ0 के परियोजनाओं में कार्य अनुभवी सुश्री मानवी धवन, दो बार राष्ट्रपति पुरष्कार से सम्मानित एवं दुनिया के सबसे बड़े अंतरिक्ष एजेंसी नासा में कार्यानुभव रखने वाले श्री स्वप्निल तालुकदार, आई0 आई0 टी0 बॉम्बे से स्वर्ण पदक प्राप्त श्री यश संघवी, आई0 आई0 टी0 बॉम्बे में स्नातक इंजीनियरिंग के दौरान "प्रथम" नामक स्टूडेंट सैटेलाइट की नीव रखकर शुरुआत करने वाले श्री अनमोल सिक्का आदि जैसे विशेषज्ञों की विशेष टीम है। अपने प्रेरित मार्गदर्शन से महाराष्ट्र के प्रिंस इंग्लिस स्कूल के नवीं कक्षा के छात्र स्वप्निल मोरे द्वारा सैटेलाइट निर्माण कर प्रक्षेपित करने की IDYM का महान उपलब्धि है। 

     अध्यक्ष श्री रत्नेश मिश्रा हैं जिन्होंने आई0 आई0 टी0 बॉम्बे के प्रथम नामक देश के प्रथम स्टूडेंट सैटेलाइट निर्माण किये, जिसे सितम्बर 2016 में इसरो के मदद से पी0 एस0 एल0 वी0 सी0 35 से प्रक्षेपित किया गया। उनका मानना है की यदि छात्रों को अंतरिक्ष एवं सैटेलाइट के बारे में जानकारी न दें तो अंतरिक्ष के क्षेत्र में सपनों के साथ प्रेरित नहीं किया जा सकता है। IDYM फाउंडेशन वर्तमान में वैसे सभी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों से छात्रों को जोड़ने का कार्य कर रहा है, तथा भारत में आगे आने वाले समय में पहले स्पेस स्कूल के स्थापना के स्वर्णिम सपनों के साथ छात्रों को उपग्रह विनिर्माण में मदद करने की राह पर अग्रसित है। सैटेलाइट निर्माण पहल के "इग्नाइट मिशन" प्रोग्राम के तहत अलग अलग विद्यालयी छात्रों के टीम का चयन कर चयनित टीम को स्पेस लैब भ्रमण के साथ साथ अनुभवी वैज्ञानिकों द्वारा 1 माह का सैटेलाइट निर्माण की प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा। 6 मासिक कार्यक्रम के तहत ब्याख्यान, वर्कशॉप, हस्तप्रशिक्षण,समायोजित प्रशिक्षण, स्पेस एक्सपेरिमेंट का ट्रायल टेस्टिंग के साथ सम्पूर्ण सैटेलाइट निर्माण की जानकारी प्रदान करेगा। सैटेलाइट निर्माण की पूर्ण प्रशिक्षण उच्च तकनिकी गुणवत्ता वाले कर्मशालाओं में दिया जायेगा, देश भर में ऐसे कर्मशालाओं की स्थापना की योजना IDYM के सहयोगी संस्थानों के द्वारा किया गया है।  

      अनुभवी विशेषज्ञों के सृजनात्मक प्रशिक्षण एवं प्रेरणादायी दृष्टिकोण कुछ छात्रों को सैटेलाइट निर्माण तथा कुछ छात्रों को सैटेलाइट पर नजर रखने के लिए ग्राउंड स्टेशन के निर्माण की ओर आकर्षित कर सम्मिलित करेगा। IDYM विख्यात विद्यालयों के प्राचार्य एवं निदेशकों से सम्मिलित टीम के साथ आगे बढ़ रहा है। यह फाउंडेशन विभिन्न सामुदायिक अभियानों जैसे वृक्ष रोपण, पुस्तक वितरण आदि में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहा है जिससे अंतरिक्ष के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि उपलब्धि प्राप्त करने के लिए सभी लोगों तक पहुँच बना सके।

स्वर्णिम अवसर के साथ IDYM जनहितार्थ......
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