पटना : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने कहा है कि राष्ट्रीय जनता दल और लालू परिवार मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव और जनस्वीकृति से असहज दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि उनके खिलाफ लगातार एक सुनियोजित राजनीतिक अभियान चलाया जा रहा है तथा कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी व्यक्तिगत दुर्भावना के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है।
श्री शरण ने कहा कि लोकतंत्र में कानून और संवैधानिक व्यवस्थाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। जो लोग स्वयं कानून और संवैधानिक मूल्यों की बात करते हैं, उन्हें सबसे पहले अपने आचरण में उसका पालन सुनिश्चित करना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में शुचिता, जवाबदेही और मर्यादा लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकताएं हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता आज विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों और युवाओं के मुद्दों पर सार्थक राजनीति की अपेक्षा रखती है। ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव को जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाना चाहिए और जनता के बीच जाकर उनके हितों के लिए संघर्ष करना चाहिए। दुर्भाग्यवश, जनहित के प्रश्नों के बजाय व्यक्तिगत सुरक्षा और आवास जैसे विषयों को राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो विपक्ष की प्राथमिकताओं पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
श्री शरण ने कहा कि लगातार चुनावी पराजयों के बावजूद यदि कोई दल आत्ममंथन करने के बजाय राजशाही मानसिकता से बाहर नहीं निकलता, तो जनता उससे और अधिक दूर होती चली जाती है। लोकतंत्र में विशेषाधिकार नहीं, बल्कि जनसेवा सर्वोच्च होती है।
उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल और उसके नेतृत्व को सलाह दी कि वे व्यक्तिगत और पारिवारिक मुद्दों की राजनीति से ऊपर उठकर जनता के वास्तविक सरोकारों पर ध्यान केंद्रित करें। जनहित, विकास और सुशासन के मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाकर ही वे जनता का विश्वास पुनः अर्जित कर सकते हैं तथा लोकतंत्र में एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं।

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