पटना : 19 जुलाई 2026 जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना एवं एआरओआई, बिहार चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को “इमेज गाइडेड ब्रैकीथेरेपी इन कार्सिनोमा सर्विक्स” विषय पर सीएमई मान्यता प्राप्त एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन 17 जुलाई को मनाए जाने वाले वर्ल्ड ब्रैकीथेरेपी अवेयरनेस डे के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिससे ब्रैकीथेरेपी की उपयोगिता, आधुनिक तकनीकों और मरीजों को मिलने वाले लाभों के प्रति जागरूकता को और मजबूत किया जा सके।
कार्यशाला में बिहार सहित विभिन्न राज्यों से रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल फिजिसिस्ट, ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों और पीजी छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर के उपचार में इमेज गाइडेड ब्रैकीथेरेपी, एमआरआई एवं सीटी आधारित ट्रीटमेंट प्लानिंग, टार्गेट डिलिनिएशन, डोज प्लानिंग और जटिल मामलों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर चिकित्सकों को नवीनतम जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना था।
विशेषज्ञों ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर के उपचार में ब्रैकीथेरेपी की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस तकनीक में रेडिएशन स्रोत को ट्यूमर के बहुत निकट रखा जाता है, जिससे कैंसर प्रभावित हिस्से को लक्षित डोज दी जा सकती है और आसपास के सामान्य अंगों, विशेष रूप से मूत्राशय और रेक्टम, को यथासंभव सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। इमेज गाइडेड ब्रैकीथेरेपी से उपचार योजना को प्रत्येक मरीज की शारीरिक संरचना और ट्यूमर की स्थिति के अनुसार अधिक व्यक्तिगत और सटीक बनाया जा सकता है।
कार्यशाला में डॉ. अजीत गांधी, डॉ. आरएमएलआईएमएस, लखनऊ, डॉ. मारिया दास, मेदांता लखनऊ सहित राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों में क्लिनिकल ओवरव्यू, एमआरआई, सीटी और पीईटी-सीटी की भूमिका, टार्गेट डिलिनिएशन, एचडीआर ब्रैकीथेरेपी, एप्लिकेटर चयन, ट्रीटमेंट प्लानिंग और जटिल मामलों के प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. राजीव रंजन प्रसाद, डायरेक्टर – रेडिएशन ऑन्कोलॉजी ने कहा, “सर्वाइकल कैंसर के उपचार में ब्रैकीथेरेपी उपचार का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इमेज गाइडेड तकनीक से ट्यूमर और आसपास के संवेदनशील अंगों की स्थिति को बेहतर तरीके से समझकर अधिक सटीक डोज प्लानिंग की जा सकती है। ऐसी कार्यशालाएं चिकित्सकों को आधुनिक प्रोटोकॉल और व्यावहारिक तकनीकों से जोड़ती हैं, जिससे अंततः मरीजों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी उपचार मिलता है।”
उन्होंने बताया कि मेदांता पटना में इमेज गाइडेड ब्रैकीथेरेपी, हाई डोज रेट ब्रैकीथेरेपी, 3डी कंफॉर्मल रेडियोथेरेपी, आईएमआरटी, आईजीआरटी, वीमैट और आधुनिक लीनियर एक्सेलेरेटर आधारित रेडिएशन उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों के माध्यम से कैंसर प्रभावित हिस्से को सटीक रेडिएशन देते हुए आसपास के स्वस्थ ऊतकों पर अनावश्यक प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जाता है।
डॉ. तेजस पंड्या, कंसल्टेंट – रेडिएशन ऑन्कोलॉजी ने कहा, “आज ब्रैकीथेरेपी केवल एक उपचार प्रक्रिया नहीं, बल्कि इमेजिंग, मेडिकल फिजिक्स, क्लिनिकल प्लानिंग और विशेषज्ञ कौशल का समन्वित उपचार है। सर्वाइकल कैंसर में इसकी भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सही टार्गेटिंग और डोज डिलीवरी उपचार के परिणामों को प्रभावित करती है। यह कार्यशाला चिकित्सकों को केस आधारित सीख और जटिल परिस्थितियों के समाधान का व्यावहारिक मंच प्रदान करती है।”
डॉ. रवि शंकर सिंह, मेडिकल डायरेक्टर, मेदांता पटना ने कहा, “मेदांता पटना का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के साथ बिहार में अकादमिक उत्कृष्टता और विशेषज्ञ प्रशिक्षण को भी मजबूत करना है। वर्ल्ड ब्रैकीथेरेपी अवेयरनेस डे के अवसर से जुड़ा यह आयोजन सर्वाइकल कैंसर उपचार में जागरूकता, कौशल और मानकीकृत उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नियमित सीएमई और कार्यशालाओं से चिकित्सकों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान होता है और इसका सीधा लाभ मरीजों को मिलता है।”
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के अकादमिक कार्यक्रम बिहार में सर्वाइकल कैंसर और अन्य कैंसरों के रेडिएशन उपचार की गुणवत्ता, सटीकता और विशेषज्ञ क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

0 टिप्पणियाँ
if you have any doubts, please let me know.