जिले में पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इस बीच कोरोना टीकाकरण अभियान भी निरंतर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अक्टूबर माह की शुरुआत में जिले में संक्रमण का एक मामला था। जो अब शून्य पर जा पहुंचा है। लिहाजा जिले के सभी नौ प्रखंड फिलहाल संक्रमण के मामलों से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। जो यकीनन जिलावासियों को राहत पहुंचाने वाली खबर है। बहरहाल जिले में लॉकडाउन के पूर्व जैसी स्थिति बहाल हो चुकी है। इधर पंचायत चुनाव को लेकर गहमागहमी काफी बढ़ चुकी है। त्यौहारी मौसम की शुरुआत के कारण सभी छोटे-बड़े बाजारों में भीड़ भाड़ बढ़ने लगी है। बावजूद इसके जिले में एक्टिव मामलों का नहीं होना संतोषजनक है। लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिये कि महामारी अब भी हमारे बीच बनी हुई है।
जिलावासियों को लगातार सावधानी बरतनी होगी
सिविल सर्जन डॉ एमपी गुप्ता बताते हैं कि फिलहाल टीकाकरण के जरिये या पूर्व में संक्रमित लोगों के प्रतिरोधी क्षमता अर्जित करने से ही उम्मीदें बांधी जा सकती है। जिले की बड़ी आबादी अभी भी टीकाकरण से वंचित है, ऐसे में आम जिलावासियों को लगातार सावधानी बरतनी होगी | जिले की अधिकांश आबादी जब तक इस वायरस के विरूद्ध प्रतिरोधी क्षमता हासिल नहीं कर लेती तब तक हमें सावधानी बरतनी होगी |
पूर्ण टीकाकरण के प्रति आम लोगों का संजीदा होना जरूरी :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज के मुताबिक इस समय सबसे बड़ी जरूरत ज्यादा से ज्यादा लोगों के टीकाकरण की है। दशहरा, दीपावली, छठ जैसे त्यौहार अभी सामने हैं। पंचायत चुनाव को लेकर चिंताएं व्याप्त हैं। इसलिये टीकाकरण जो विभाग की प्राथमिकताओं में शुमार है इसके लिये आम लोगों का उचित सहयोग भी अपेक्षित है। जिले में टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्य 18.50 लाख की तुलना में अब तक 10.46 लाख लोगों को टीका का पहला व 2.58 लाख लोगों को ही टीका का दूसरा डोज दे पाये हैं। 18 साल से कम उम्र की हमारी पूरी आबादी अभी भी टीकारहित है। इसलिये आम लोगों को भी पूर्ण टीकाकरण के प्रति बेहद संजीदा होने की जरूरत है। टीकाकरण के बाद भी अभी हमें मास्क, सोशल डिस्टेसिंग व नियमित अंतराल पर अपने हाथों की सफाई के प्रति बेहद गंभीर रूख अख्तियार करना होगा। ताकि हम संक्रमण की तीसरी लहर की आशंकाओं को निर्मूल साबित कर सकें ।

0 टिप्पणियाँ
if you have any doubts, please let me know.