मधुबनी - लदनियां से हरिश्चन्द्र यादव की रिपोर्ट
लदनियां थाना क्षेत्र के गोदाम टोल निवासी मृतक राजीव साह व उसकी पत्नी शिक्षिका रेणु कुमारी का घर कल तक गुलजार था। आज पूरी तरह उजड़ा पड़ा है। वीरानगी छायी हुई है। आलम यह कि वहां कोई मातम मनाने के लिए भी नहीं है। विवादित भूमि को लेकर घटी घटना में जहां इन दोनों को जान गवानी पड़ी, वहीं उनके पिता छेदी साह, माता वीणा देवी व बड़े भाई संजय साह जेल में बंद हैं। जेठानी रुना देवी व अन्य आरोपित फरार हो गए हैं। वीरानगी का यह आलम लंबे समय तक चलने वाला है।
कारण बताते हुए लोगों का कहना है कि डबल मर्डर के इस मामले में बेल की प्रक्रिया लंबी हो सकती है। इधर मृतक के नाबालिग तीन पुत्री व एक सबसे छोटे पुत्र को सुरक्षा व भरण पोषण की दृष्टि से पिपराही स्थित ननिहाल भेज दिया गया है। मृतक दम्पति की इन चार संतानों में सबसे छोटे एक मात्र पुत्र अमन की उम्र महज चार साल है। बालिग होकर अपने घर लौटने में तेरह-चौदह वर्षों का लंबा वक्त लग सकता है।
संघर्षशील इन दोनों पक्षों के कोई भी घर पर फिलहाल नहीं दिख रहा है। जो समान जहां था, वहीं बिखरा पड़ा है। इसकी देखरेख तथा शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल को प्रतिनियुक्ति किया गया है। जिस जमीन के लिए विवाद हुआ वह जमीन भी मृत-दम्पति को रास नहीं आयी। परिस्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन को भी पोस्टमार्टम के बाद दोनों लाश को दाह संस्कार के लिए मृतका के मायके पिपराही गांव भेजने का आदेश देना पड़ा।
आदेश के आलोक में पिपराही के लोगों ने एक ही चिता पर एक साथ दोनों का अंतिम संस्कार किया। मुखाग्नि अबोध बालक चार वर्षीय पुत्र अमन की जगह पुत्री वर्षा ने दी। घटना से आसपास के लोग हतप्रभ हैं।

0 टिप्पणियाँ
if you have any doubts, please let me know.