कोलकाता, 26 अगस्त, 2026:
सुश्री गीतिका पांडेय, महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे के नेतृत्व में पूर्व रेलवे लगातार व्यापक जन-जागरूकता अभियान चला रही है, जिसमें नागरिकों से रेलवे पटरियों से दूर रहने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की जा रही है। पूर्व रेलवे द्वारा सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए फुट ओवर ब्रिज, रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज सहित व्यापक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के बावजूद, आम लोगों द्वारा रेलवे पटरियों को अनधिकृत रूप से पार करने से गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर रहा है। रेलवे ट्रैक परिचालन के लिए निर्धारित मार्ग हैं; ये पैदल चलने के लिए शॉर्टकट या तस्वीरें खींचने और सोशल मीडिया रील बनाने का स्थान नहीं हैं। पटरियों पर थोड़ी-सी असावधानी या गलत निर्णय भी किसी अनमोल जीवन को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है।
खतरनाक उल्लंघनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए, श्री अमिया नंदन सिन्हा, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, पूर्व रेलवे ने अनधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पर आवाजाही और जोखिम भरे सोशल मीडिया स्टंट पर अंकुश लगाने के लिए सभी मंडलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 1 मई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक तीन महीने की अवधि में पूर्व रेलवे के सुरक्षा बलों ने रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की। पूर्व रेलवे के चार मंडलों—आसनसोल, हावड़ा, मालदा टाउन और सियालदह—में कुल 828 अभियोजन मामले दर्ज, 813 मामले पकड़े गए और 853 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, 6,608 जुर्माना मामले दर्ज किए गए, जिनमें अदालत के माध्यम से ₹3,18,220 का जुर्माना वसूल किया गया तथा कुल ₹33,12,900 की पेनाल्टी प्राप्त हुई। मंडलवार विवरण इस प्रकार है- आसनसोल: 152 अभियोजन मामले, 152 पकड़े गए मामले, 156 गिरफ्तार व्यक्ति, 561 जुर्माना मामले, ₹90,900 का अदालती जुर्माना और ₹2,82,000 की पेनल्टी। हावड़ा: 96 अभियोजन मामले, 96 पकड़े गए मामले, 97 गिरफ्तार व्यक्ति, 3,468 जुर्माना मामले, ₹51,320 का अदालती जुर्माना और ₹17,33,900 की पेनल्टी।
मालदा टाउन: 298 अभियोजन मामले, 288 पकड़े गए मामले, 300 गिरफ्तार व्यक्ति, 1,145 जुर्माना मामले, ₹37,500 का अदालती जुर्माना और ₹5,78,500 की पेनल्टी। सियालदह: 282 अभियोजन मामले, 277 पकड़े गए मामले, 300 गिरफ्तार व्यक्ति, 1,434 जुर्माना मामले, ₹1,38,500 का अदालती जुर्माना और ₹7,18,500 की पेनल्टी। पूर्व रेलवे के अधिकारी इस बात पर जोर देते हैं कि प्रवर्तन अभियान पूरी सतर्कता और दृढ़ता के साथ जारी रहेंगे, लेकिन केवल कड़ी कानूनी कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। इसके लिए आम जनता में आत्म-जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार भी आवश्यक है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा- “कोई भी सोशल मीडिया वीडियो या शॉर्टकट आपकी जान जोखिम में डालने के लायक नहीं है। हम सभी से आग्रह करते हैं कि निर्धारित पुलों और सुरक्षित क्रॉसिंग का ही उपयोग करें, क्योंकि आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

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