पटना। भोजपुरी एवं पूर्वांचल एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजसेवी एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके आचार्य डॉ. राहुल परमार ने मंगलवार को बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने द्वारा लिखित पुस्तक ‘सनातनी सम्राट का युगारंभ’ राज्यपाल को भेंट की।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के राजनीतिक व्यक्तित्व, विचारधारा और बिहार के समकालीन राजनीतिक परिदृश्य में उनके नेतृत्व को केंद्र में रखकर लिखी गई यह पुस्तक इन दिनों चर्चा में है। डॉ. राहुल परमार ने राज्यपाल को पुस्तक की विषयवस्तु और उसके लेखन के उद्देश्य से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पुस्तक के माध्यम से बिहार की राजनीति में उभरते नेतृत्व, सामाजिक सरोकारों तथा बदलते राजनीतिक परिवेश को समझने का प्रयास किया गया है।
मुलाकात के दौरान बिहार की सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। आचार्य डॉ. परमार ने कहा कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भोजपुरी भाषा-संस्कृति और पूर्वांचल की सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि साहित्य और पुस्तकों के माध्यम से समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण दौर को दस्तावेज के रूप में संरक्षित किया जा सकता है।
राज्यपाल को पुस्तक भेंट करने के अवसर को डॉ. परमार ने अपने लिए विशेष और गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ‘सनातनी सम्राट का युगारंभ’ केवल एक राजनीतिक पुस्तक नहीं, बल्कि बिहार की वर्तमान राजनीतिक यात्रा और नेतृत्व परिवर्तन के दौर को समझने का उनका एक प्रयास है।
आचार्य डॉ. राहुल परमार की अकादमिक और सामाजिक सक्रियता के साथ-साथ भोजपुरी तथा पूर्वांचल की सांस्कृतिक एकता को लेकर उनकी गतिविधियां लगातार चर्चा में रही हैं। राज्यपाल से उनकी मुलाकात को इसी सामाजिक-सांस्कृतिक विमर्श की दिशा में महत्वपूर्ण मुलाकात के रूप में देखा जा रहा है।



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