50 से अधिक ब्रेन ट्यूमर विजेताओं के साथ मेदांता पटना ने मनाया जीवन की जीत





  • 50 से अधिक ब्रेन ट्यूमर विजेताओं के साथ मेदांता पटना ने मनाया जीवन की जीत
  • ब्रेन ट्यूमर की जांच से लेकर न्यूरोसर्जरी, रेडियोलॉजी, रेडिएशन और न्यूरो-क्रिटिकल केयर तक की समग्र सुविधा उपलब्ध

पटना, 08 जून 2026:
विश्व ब्रेन ट्यूमर सर्वाइवर्स प्रोग्राम के अवसर पर जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना में ब्रेन ट्यूमर से सफलतापूर्वक उपचार प्राप्त कर चुके मरीजों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 50 से अधिक ब्रेन ट्यूमर विजेताओं ने भाग लिया और उन्हें अस्पताल की ओर से सम्मानित किया गया। मरीजों ने अपने उपचार, संघर्ष, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवन की ओर वापसी की प्रेरक कहानियां साझा कीं।

कार्यक्रम का उद्देश्य ब्रेन ट्यूमर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर पहचान व सही उपचार के महत्व को रेखांकित करना था। मेदांता पटना में ब्रेन ट्यूमर मरीजों के लिए जांच, विशेषज्ञ परामर्श, न्यूरोसर्जरी, रेडियोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, न्यूरो-क्रिटिकल केयर और फॉलोअप तक की समग्र सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध है।

मेदांता न्यूरोसर्जरी विभाग के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. मुकुंद प्रसाद ने कहा, “ब्रेन ट्यूमर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लगातार सिरदर्द, बार-बार मिर्गी के दौरे, हाथ-पैरों में कमजोरी, बोलने या देखने में परेशानी, याददाश्त में कमी, चक्कर आना या बार-बार बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर नहीं होता, लेकिन लगातार या असामान्य लक्षणों की स्थिति में विशेषज्ञ से परामर्श और उचित जांच जरूरी है।”

न्यूरोसर्जरी टीम से डॉ. अबता यदुनंदन बच्चन और डॉ. आशीष कुमार झा ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर का उपचार ट्यूमर के प्रकार, आकार, स्थान और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य उन्नत जांचों की मदद से बीमारी की पहचान कर मरीज की जरूरत के अनुसार सर्जरी, दवा, रेडियोथेरेपी या अन्य उपचार योजना बनाई जाती है।

डॉ. रंजन कुमार, डायरेक्टर – रेडियोलॉजी और डॉ. तेजस पंड्या, कंसल्टेंट – रेडिएशन ऑन्कोलॉजी ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर के उपचार में सटीक डायग्नोसिस और सही उपचार योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक इमेजिंग तकनीक ट्यूमर की स्थिति और प्रकृति को समझने में मदद करती है, जबकि चयनित मरीजों में रेडिएशन थेरेपी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम अप्रोच से मरीजों को अधिक समन्वित उपचार मिल पाता है।

कार्यक्रम में शामिल मरीजों ने बताया कि बीमारी का पता चलने के बाद वे मानसिक रूप से चिंतित थे, लेकिन डॉक्टरों की सलाह, परिवार के सहयोग और उपचार के बाद वे सामान्य जीवन की ओर लौट सके। मेदांता पटना की ओर से कहा गया कि ब्रेन ट्यूमर सर्वाइवर्स का सम्मान उन मरीजों के साहस, धैर्य और विश्वास को नमन है, जिन्होंने बीमारी का सामना करते हुए जीवन की ओर मजबूत वापसी की है।

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