पटना/गया,
महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सुरक्षित आवासीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत गया में “कामकाजी महिला छात्रावास (आकांक्षा–सह–सखी निवास)” का उद्घाटन आज वर्चुअल माध्यम से किया गया।
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, श्रीमती बंदना प्रेयषी द्वारा पटना से वर्चुअल माध्यम से छात्रावास का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान गया में राज्य प्रतिनिधि कार्यक्रम प्रबंधक विनय एस पी सिंह एवं राज्य परियोजना प्रबंधक अंकिता कश्यप एवं ज़िला प्रतिनिधि डॉ रश्मि वर्मा ज़िला प्रोग्राम पदाधिकारी गया, नैना कुमारी अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सदर गया एवं महिला एवं बाल विकाश निगम की परियोजना प्रबंधक, जयवन्ती सिन्हा, सुशांत आनंद विशाल कुमार वर्मा, आरती कुमारी केंद्र प्रशासक द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद् एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।
यह छात्रावास राज्य सरकार की “मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना” एवं केंद्र सरकार की “मिशन शक्ति योजना” के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं किफायती आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है।
उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, श्रीमती बंदना प्रेयषी ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में बढ़ती सहभागिता को दृष्टिगत रखते हुए कार्यस्थल के निकट सुरक्षित एवं सुलभ आवास की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में इस छात्रावास की स्थापना की गई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल है।
छात्रावास में कुल 50 कामकाजी महिलाओं के आवास की व्यवस्था की गई है। यहां सुरक्षित आवास के साथ-साथ भोजन की सुविधा भी मात्र ₹3000 प्रतिमाह की दर से उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगी, जो अपने गृह जिले से बाहर रहकर रोजगार प्राप्त कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास निगम एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा पूर्व से ही पटना एवं मुजफ्फरपुर में इस प्रकार के छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। गया में इस छात्रावास की स्थापना इस पहल का महत्वपूर्ण विस्तार है।
छात्रावास के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था की गई है, जिसमें अधीक्षिका, उपाधीक्षिका, सुरक्षा कर्मी, रसोइया, बहुउद्देश्यीय कर्मी एवं सफाईकर्मी सम्मिलित हैं।
उद्घाटन अवसर पर गया में उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह छात्रावास महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित करेगा।
यह परियोजना महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।

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