मुंगेर में राजस्व प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम, प्रधान सचिव ने दिए सख्त निर्देश



   
  • मुंगेर में ‘राजस्व प्रशासन आपके द्वार’ कार्यक्रम, प्रधान सचिव ने दिए सख्त निर्देश
  • कार्य क्षमता बढ़ाने को एआई टूल्स के उपयोग पर जोर
  • एक वर्ष में सर्वे कार्य पूरा करने का लक्ष्य

पटना/मुंगेर : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में शनिवार को मुंगेर स्थित प्रेक्षागृह में ‘राजस्व प्रशासन आपके द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव श्री सी.के. अनिल द्वारा की गई।संपूर्ण समीक्षात्मक बैठक का संचालन सचिव गोपाल मीणा द्वारा किया गया। प्रधान सचिव ने अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रशासनिक क्षमता का विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने भू-राजस्व पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, डीसीएलआर और बंदोबस्त पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए चैट जीपीटी, ग्रोक सहित अन्य एआई टूल्स का उपयोग करें ताकि तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से कार्य में पारदर्शिता और गति आये। इस संबंध में विभाग द्वारा एक पत्र भी निर्गत किया जा चुका है कि राजस्व न्यायालयों में आदेश पारित करते समय अधिकारियों को एआई टूल्स का स्वविवेकपूर्ण इस्तेमाल करना चाहिये।

उन्होंने कार्यालयों में व्याप्त मुंशी और दलाल प्रथा को समाप्त करने के लिए पूर्व में जारी विभागीय निर्देशों का उल्लेख करते हुए इसे सामाजिक बुराई करार दिया और सख्ती से रोकने को कहा।

राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा

कार्यक्रम के तहत सचिव गोपाल मीणा ने पीपीटी के माध्यम से प्रधान सचिव तथा मुंगेर प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा को मुंगेर जिले के परिमार्जन प्लस के आवेदनों की प्रगति, दाखिल-खारिज/नामांतरण वादों की स्थिति, भूमि विवादों के निष्पादन, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, डीसीएलआर न्यायालयों में लंबित मामलों, भूमि मापी की प्रगति, राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली से अवगत करवाया। 

इस दौरान राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण की अद्यतन स्थिति की मुंगेर जिले में प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यालय से आये सभी पदाधिकारियों को अलग-अलग अंचल आवंटित किये गये तथा सभी को अलग-अलग अंचलों की समीक्षा के लिए भी भेजा गया।




इसके पश्चात निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा जिले की सर्वे कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई।

प्रधान सचिव ने इस दौरान बताया कि राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य को एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। इसे लेकर उन्होंने सर्वे अमीनों को प्रतिदिन अपनी कार्य डायरी भरकर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया। पहले यह प्रविष्टि साप्ताहिक आधार पर होती थी, जिसे अब दैनिक किया गया है ताकि मुख्यालय को नियमित प्रतिवेदन प्राप्त हो सके।

                          
306 मौजों में सर्वे, 108 का अंतिम प्रकाशन

मुंगेर जिले के पांच अंचलों में 306 मौजों में प्रथम चरण का सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया था। इनमें से 108 मौजों का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है, जबकि 298 मौजों का ड्राफ्ट प्रकाशन संपन्न हो चुका है।
             
दाखिल-खारिज में 8,802 मामलों का निष्पादन

1 अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के अंत तक दाखिल-खारिज के 9,913 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 8,802 मामलों का निष्पादन किया गया। 1,111 आवेदनों में निष्पादन की कार्यवाही की जा रही है।
प्रधान सचिव ने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।

परिमार्जन प्लस में 27,688 मामलों का निस्तारण

समीक्षा में पाया गया कि 1 अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक परिमार्जन प्लस के 33,410 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 27,688 मामलों का निष्पादन किया गया, 827 आवेदन त्रुटिपूर्ण पाये जाने के कारण वापस किए गए तथा 5,805 मामले लंबित हैं।
ई-मापी से संबंधित 2,406 मामलों का निष्पादन किया गया है, जबकि 1,410 मामलों में मापी की तिथि निर्धारित की गई है।
                   
अभियान बसेरा-2 के तहत 952 लोगों को भूमि आवंटन

अभियान बसेरा-2 के तहत मुंगेर जिले के 9 अंचलों में 1,634 भूखंडों का सर्वे किया गया, जिनमें से 952 पात्र लाभुकों को भूमि आवंटित की गई है। यह कुल लक्ष्य का 58.26 प्रतिशत है।




महाअभियान के तहत 64,916 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 61,480 आवेदनों को ऑनलाइन किया जा चुका है। इनमें 38,889 आवेदन जमाबंदी सुधार से संबंधित थे, जिनके निष्पादन की प्रक्रिया चल रही है।

बैठक में विभाग के मुंगेर प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, सचिव गोपाल मीणा, मुंगेर जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर, एसपी सैयद इमरान मसूद सहित मुख्यालय के सभी अधिकारी, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, चकबंदी निदेशालय, भू-अर्जन निदेशालय तथा कृषि गणना से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

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