मेदांता पटना में पिछले एक वर्ष में 50 से अधिक रोबोटिक कैंसर सर्जरी, 30 से अधिक जटिल मामले पूर्वी भारत में पहली बार पैंक्रियाज, गॉल ब्लैडर, कोलोरेक्टल, रेक्टल, स्टमक, थायरॉयड और महिलाओं के कैंसर से जुड़े जटिल मामलों में रोबोटिक तकनीक से सफल सर्जरी




पटना, 19 मई 2026:
जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना में आज रोबोटिक कैंसर सर्जरी पर एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अस्पताल में पिछले एक वर्ष से नियमित रूप से की जा रही जटिल रोबोटिक ऑन्कोलॉजी सर्जरी के सफल मामलों को प्रस्तुत किया गया। अस्पताल के विशेषज्ञों ने बताया कि मेदांता पटना में अब तक 50 से अधिक रोबोटिक कैंसर सर्जरी की जा चुकी हैं, जिनमें 30 से अधिक मामले अत्यंत जटिल रहे हैं और इनमें से कई प्रक्रियाएं पूर्वी भारत क्षेत्र में पहली बार की गईं।






कार्यक्रम में उन मरीजों ने भी भाग लिया, जिनका मेदांता पटना में रोबोटिक तकनीक से सफल उपचार किया गया है। मरीजों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सर्जरी से पहले वे बीमारी और उपचार को लेकर चिंतित थे, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की काउंसलिंग, आधुनिक तकनीक और टीम की देखभाल से उनका उपचार सफल रहा और वे धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट सके। कई मरीजों और परिजनों ने कहा कि ऐसी जटिल सर्जरी के लिए अब बाहर जाने की आवश्यकता न पड़ना उनके लिए बड़ी राहत है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पैंक्रियाज कैंसर, गॉल ब्लैडर कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, रेक्टल कैंसर, स्टमक कैंसर, थायरॉयड कैंसर और महिलाओं के कैंसर से जुड़े जटिल मामलों पर चर्चा की गई। इनमें रोबोटिक पैंक्रियाटिक सर्जरी, रोबोटिक रेडिकल कोलेसिस्टेक्टॉमी, कोलन कैंसर के लिए रोबोटिक हेमिकोलेक्टॉमी, रेक्टल कैंसर के लिए रोबोटिक लो एंटीरियर रिसेक्शन, स्टमक कैंसर के लिए रोबोटिक गैस्ट्रेक्टॉमी और पैपिलरी थायरॉयड कार्सिनोमा के लिए रोबोटिक-असिस्टेड ब्रेस्ट-एक्सिलो इंसफ्लेशन तकनीक जैसी उन्नत प्रक्रियाएं शामिल रहीं।

विशेषज्ञों ने बताया कि रोबोटिक कैंसर सर्जरी केवल छोटे चीरे की तकनीक नहीं है, बल्कि यह जटिल कैंसर मामलों में अधिक सटीकता, बेहतर विजुअलाइजेशन और नियंत्रित सर्जिकल मूवमेंट की सुविधा देती है। शरीर के गहरे और जटिल हिस्सों में स्थित ट्यूमर, जहां महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाएं, नसें और अन्य अंग आसपास मौजूद होते हैं, वहां रोबोटिक तकनीक सर्जन को अधिक सूक्ष्मता और बेहतर नियंत्रण के साथ सर्जरी करने में मदद करती है। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि रोबोटिक सर्जरी हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती और इसका निर्णय बीमारी की स्टेज, ट्यूमर की स्थिति, मरीज की शारीरिक अवस्था और विशेषज्ञ टीम के मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है।

डॉ. संदीप कुमार, एसोसिएट डायरेक्टर – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेदांता पटना ने कहा, “मेदांता पटना में रोबोटिक कैंसर सर्जरी अब एक नियमित और स्थापित विशेषज्ञ सेवा के रूप में उपलब्ध है। पिछले एक वर्ष में हमने 50 से अधिक रोबोटिक कैंसर सर्जरी की हैं, जिनमें 30 से अधिक मामले अत्यंत जटिल रहे हैं और इनमें से कई प्रक्रियाएं पूर्वी भारत क्षेत्र में पहली बार की गईं। पैंक्रियाज, गॉल ब्लैडर, कोलोरेक्टल, रेक्टल, स्टमक और थायरॉयड कैंसर जैसे मामलों में रोबोटिक तकनीक का सफल उपयोग मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।”

उन्होंने आगे कहा, “कैंसर सर्जरी में रोबोटिक तकनीक का उद्देश्य केवल छोटा चीरा देना नहीं है, बल्कि अधिक सटीक, सुरक्षित और योजनाबद्ध सर्जरी करना है। पैंक्रियाज, गॉल ब्लैडर, कोलन, रेक्टम और स्टमक जैसे अंगों की सर्जरी बहुत चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि इनके आसपास शरीर की महत्वपूर्ण नसें, रक्त वाहिकाएं और अन्य अंग मौजूद रहते हैं। रोबोटिक तकनीक हमें बेहतर 3D विजन, सूक्ष्म मूवमेंट और अधिक नियंत्रण देती है, जिससे जटिल मामलों में भी सुरक्षित सर्जिकल प्लानिंग संभव हो पाती है।”

डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि मेदांता पटना में अब मरीजों को कई जटिल रोबोटिक कैंसर सर्जरी के लिए बड़े शहरों या राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सही केस सेलेक्शन, मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड, विशेषज्ञ सर्जिकल टीम और आधुनिक रोबोटिक प्लेटफॉर्म के कारण कैंसर मरीजों को बिहार में ही उन्नत उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉ. संदीप कुमार इससे पहले भी लिम्ब साल्वेज सर्जरी और प्री-सेक्रल ट्यूमर जैसे कठिन कैंसर मामलों का सफल उपचार कर चुके हैं। ऐसे अनुभव जटिल रोबोटिक ऑन्कोलॉजी मामलों में बेहतर सर्जिकल निर्णय और प्लानिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डॉ. श्वेता राय, एसोसिएट डायरेक्टर – गायने ऑन्कोलॉजी, मेदांता पटना ने कहा कि महिलाओं में होने वाले कैंसर जैसे सर्वाइकल, एंडोमेट्रियल और ओवरी कैंसर में समय पर जांच और सही उपचार योजना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चयनित मरीजों में रोबोटिक तकनीक अधिक सटीक सर्जरी, कम दर्द और अपेक्षाकृत तेज रिकवरी में मदद कर सकती है। महिलाओं को अनियमित रक्तस्राव, मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग, पेट में लगातार सूजन या दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डॉ. आकांक्षा बाजपेयी, कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, और डॉ. माला सिन्हा, कंसल्टेंट – गायने ऑन्कोलॉजी, मेदांता पटना ने कहा कि कैंसर उपचार में सही डायग्नोसिस, स्टेजिंग और मल्टी-डिसिप्लिनरी प्लानिंग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि हर मरीज के लिए उपचार योजना अलग होती है और रोबोटिक सर्जरी का निर्णय विशेषज्ञ मूल्यांकन के बाद ही लिया जाता है। समय पर जांच और विशेषज्ञ सलाह से कैंसर उपचार के परिणाम बेहतर हो सकते हैं।

मेदांता पटना के विशेषज्ञों ने कहा कि अस्पताल में रोबोटिक ऑन्कोलॉजी सर्जरी अब नियमित रूप से की जा रही है और इससे बिहार तथा पूर्वी भारत के मरीजों को अपने क्षेत्र में ही उन्नत कैंसर सर्जरी की सुविधा मिल रही है। अस्पताल में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, गायने ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और ट्यूमर बोर्ड आधारित उपचार योजना के माध्यम से मरीजों को समग्र कैंसर देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है।

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