सर्किल थिएटर इन एजुकेशन फोरम, बिहार शरीफ द्वारा अविजित चक्रवर्ती निर्देशित नाटक मुनिया का ब्याह की प्रस्तुति की गयी।





पटना : ज्ञात हो कि सांस्कृतिक संस्था लोक पंच द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के सौजन्य से
सांस्कृतिक संस्था लोक पंच द्वारा दिनांक 28 से 30 मई 2026 को प्रतिदिन संध्या 7 बजे से 3 दिवसीय दशरथ मांझी नाट्य महोत्सव का आयोजन ग्राम- सेरुकहाँ, मशरख, जिला सारण में हो रहा है। जहाँ पटना की अन्य संस्थाएं केवल पटना शहर में ही नाटकों का प्रदर्शन करती हैं, वही लोक पंच द्वारा वर्ष 2017 से बिहार के विभिन्न जिलों के ग्रामों में नाट्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नाट्यकला उन जगहों तक पहुच सके, जहाँ के लोग इससे परिचित नहीं है।





आज महोत्सव के पहले दिन दिनांक 28 मई 2026 को सर्किल थिएटर इन एजुकेशन फोरम, बिहार शरीफ द्वारा अविजित चक्रवर्ती निर्देशित नाटक 'मुनिया का ब्याह' की प्रस्तुति की गयी। 

नाटक मुनिया का ब्याह का कथासार निम्नलिखित है:-

मुनिया एक छोटी बच्ची है, जो बकरी चराती है, उसके माता- पिता उसे पढने के लिए स्कूल नहीं भेजते और घर के काम करवाते है। मुनिया पढ़ना चाहती है और देश का नाम रोशन करना चाहती है, पर उसके माता-पिता जल्दी से जल्दी उसकी शादी करवाना चाहते है। मुनिया माँ बाप से लुक- छिपकर पढ़ती है, लेकिन उसके अभिभावक पंडित जी के माध्यम से एक लड़का खोज कर शादी की तैयारी करते हैं। मुनिया के बार- बार मना करने के बाद भी उसके माता- पिता नहीं मानते और बच्ची को शादी के मंडप पर बिठा देते हैं। रिश्तेदार और गांव के लोग शादी में शामिल होने के लिए उपस्थित रहते हैं और शादी शुरू हो जाती है। 





इसी बीच एक समाजसेवी आता है और उन्हें समझाता है कि बाल विवाह अपराध है और इसके लिए आप सभी को सजा हो सकती है। इसके अलावा वह सरकार की शिक्षानीति और मुफ़्त शिक्षा के बारे में भी बतलाता है, जिसके तहत बच्चों को मुफ्त में शिक्षा के साथ पोशाक और किताब- कॉपी प्रदान की जाती है, लड़कियों को स्कूल जाने के लिए साइकिल दिया जा रहा है, और प्रथम आने पर पुरस्कार भी दिया जाता है, ताकि बच्चें पढ़- लिखकर अपने माँ बाप और देश का नाम रोशन कर सके और आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ सके। समाजसेवी के समझाने के बाद लड़की के माता-पिता एवं गांव के लोगों को समझ में आता है, और मुनिया के ब्याह को रोका जाता हैं और अगले दिन उसका नाम स्कूल में लिखा दिया जाता है।     
पात्र परिचय
पिता: रजनीश
बेटी: उर्मिला
पंडित: प्रिंस कुमार 
माता: सोनल कुमारी 
मौसी : दीपा दीक्षित 
दूल्हा: आदित्य कुमार 
फूफा: राम प्रवेश
जीजा: रणधीर कुमार 
दोस्त 1: विक्की कुमार
दोस्त 2: अभिषेक राज 
दोस्त 3: हर्ष आनंद 
सहेली: नीलम कुमारी 
समाजसेवी: मनीष महिवाल
मंच परे
प्रकाश: उपेन्दर 
गायन: नीलम कुमारी 
संगीत: रोहित चंद्रा 
रूप सज्जा: सोनल कुमारी 
वस्त्र विन्यास: रितिका
प्रस्तुति नियंत्रक: अंजरुल
लेखक / निर्देशक: अविजित चक्रवर्ती
प्रस्तुति: सर्किल थिएटर इन एजुकेशन फोरम, बिहार शरीफ

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