पटना। ज्ञात हो कि कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा बिहार संगीत नाटक अकादमी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिनांक 5 जून, 2025 को भारतीय नृत्य कला मंदिर में लोक पंच द्वारा विश्व में प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करने पर आधारित नुक्कड़ नाटक ‘प्लास्टिक बना बीमारी’ का मंचन किया गया।
"नाटक का कथासार" -
एक गांव में कुछ रंगकर्मी पर्यावरण तथा साफ सफाई से संबंधित नुक्कड़ नाटक कर रहे है। तभी कुछ स्थानीय लड़के उन्हें डांट- मारकर भगा देते हैं। कुछ महीनों के बाद कलाकारों को मारने वाले लड़कों में से एक की तबीयत बहुत खराब हो जाती है और उसे सांस लेने में बहुत तकलीफ होती हैं। डॉक्टर उस लड़के का इलाज करता है और यह बताता है कि प्रदूषण के कारण ऐसा हुआ है।
जब यह लड़का कुछ स्वस्थ होता है तो अपने सारे मित्रों को बुलाता है और यह तय किया जाता है कि उस कलाकार को दोबारा अपने गांव में बुलाए जो पर्यावरण के बारे में नाटक करके लोगों को जागरूक करता है, वे सब कलाकार के पास पहुंचते हैं और समझाने- मनाने पर वह कलाकार तैयार हो जाता है और उनके गांव आकर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से गांव के लोगों को जागरूक करता है और यह बताता है कि पर्यावरण हमारे लिए कितना जरूरी है। तब जाकर गांव के लोग पर्यावरण के महत्व समझते हैं और गांव को स्वच्छ और साफ बनाने में जुट जाते हैं।
पात्र परिचय :
कलाकार : मनीष महिवाल, रजनीश पांडे, अभिषेक राज, अजीत कुमार, विवेक ओझा, ममता सिंह, बासु, जतिन, रोहित, आरती।
लेखक : नीरज शुक्ला
संगीत : अभिषेक राज
प्रस्तुति नियंत्रक : राम प्रवेश
निर्देशक : रजनीश पांडे
मनीष महिवाल
सचिव
9835294888




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