वयोवृद्ध कवि नासेह के सम्मान में बज्म-ए-नासेह का आयोजन



जिला संवाददाता | सासाराम

रोहतास जिले के नासरीगंज शहर के पोस्टल रोड में वयोवृद्ध कवि नासेह नासरीगंजवी के सम्मान में बज्म-ए-नासेह के तहत मुशायरा सह कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुशायरे में पूर्व राष्ट्रपति एपीज अब्दुल कलाम द्वारा पुरस्कृत एवं अखिल भारतीय उर्दू मास कम्युनिकेशन सोसाइटी फाॅर पीस हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. मोख्तार अहमद फरदीन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। 

नासेह नासरीगंजवी की गजल जब भी लब खोलिए साहब, प्यार के बोल बोलिए साहब, जिंदगानी तो एक अमृत है, जहर इसमें ना घोलिए साहब की लोगों ने खूब सराहना की। मुस्तफीज नैयर आरा, आफताब अख्तर पीरो, डॉ. एजाज अहमद दाऊदनगर के अलावा स्थानीय शायर व कवि नजारुल हक नजर, मुनिलाल, रेयाज धनावी और इम्तेयाज अहमद ने भी अपनी-अपनी काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान डॉ. मोख्तार अहमद फरदीन अपनी मास कम्युनिकेशन सोसाइटी की तरफ से साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए व समाजसेवियों को प्रमाणपत्र दिये। 

वहीं कार्यक्रम के संयोजक व शायर इश्तेयाक आलम ने अतिथियों को अंगवस्त्र व बुके देकर सम्मानित किया। मुशायरे की सदारत मो. एकरामुल हक ने की। स्वागत मंडली में समाजसेवी शहामुल हक, ताहिर अली उर्फ फिरोज और मो. वसीम शामिल थे। मौके पर राष्ट्रपति पुरस्कार समेत विभिन्न सम्मान से विभूषित उर्दू साहित्यकार व लेखक डॉ. एके अलवी, नगर के पूर्व पार्षद गुलाम मुस्तफा उर्फ बेचू, हाजी असरार, अखलाक अहमद, हाफिज शाहिद अख्तर, मौलाना महमूद, मो. परवेज, मास्टर अय्यूब और मो. मोबीन इत्यादि उपस्थित थे।

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