न्यूज़ डेस्क। एक बार फिर बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय चर्चा में आ गए हैं। पहले पुलिस अधिकारी फिर बने राजनेता और अब कथावाचक बन गए हैं। जी हां इन दिनों बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का नया रूप देख कर सभी को हैरानी हो रही है। सोशल मीडिया पर इनका कथावाचक करते वीडियो काफी सुर्खियां बटोर रहा है।
दरअसल इन दिनों श्री पांडेय जूम ऐप के माध्यम से कथा वाचन के लिए लोगों को जुड़ने का आमंत्रण दे रहें हैं। इनके वीडियो में इन्हें सनातन धर्म के संत के रूप में पीला वस्त्र धारण कर रामायण और गीता के श्लोक एवं चौपाईयों को सुनाते हुए देखा जा रहा है। गुप्तेश्वर पांडे का इस तरह का यह पहला रूप नहीं है। इससे पहले वो गायक के रूप में भी दिख चुके हैं। भगवान भोलेनाथ पर इनका एल्बम भी आ चुका है और उसमें एक्टिंग भी कर चुके हैं।
बताते चलें बिहार के डीजीपी रहने के दौरान ही उन्होंने वीआरएस ले लिया था,इसके बाद वह राजनीति से जुड़े इसके लिए इन्होंने जेडीयू की सदस्यता भी ली। सूत्रों के अनुसार अपने होम टाउन बक्सर से चुनाव भी लड़ना चाहते थे पर किसी कारण पार्टी से उन्हें टिकट नहीं मिल पाया और अब इनके इस नए रूप से लोगों का चौकना लाज़मी है।
बिहार के रॉबिनहुड कहे जाने वाले 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय पुलिस महकमे में कई पदों पर अपनी सेवा दे चुके हैं, इनका पुलिस और जनता के साथ दोस्ताना संबंध काफी अच्छा रहा है, यही वजह रही है की बिहार की जनता उनकी काफी पसंद करती है। बिहार में नवंबर 2015 में जब बिहार सरकार ने राज्य में शराब पर प्रतिबंध लगाया था तो इस अभियान में इनका पूरा समर्थन मिला था,इस कारण भी लोग इन्हें जान चुके थे, इसके बाद फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में महाराष्ट्र सरकार और शिव सेना द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर किए गए हमले का बचाव इन्होंने बखूबी किया था, जिसमें इन्होंने काफ़ी सुर्खियां बटोरी थीं।
अब आने वाले समय में देखना है बिहार की जनता अब इन के नए रूप को कितना पसंद करती है।
फोटो: सोशल मीडिया


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