बच्चों की सेहतमंद जिन्दगी व सुनहरे भविष्य के लिये पोलियो की दवा पिलाना जरूरी: जिलाधिकारी बच्चों को दो बूंद दवा पिलाकर डीएम ने किया पल्स पोलियो अभियान का उद्घाटन पांच दिवसीय अभियान में पांच साल तक के 7,29 लाख बच्चों को दवा पिलाने का है लक्ष्य निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिये 1401 टीकाकरण दल व 213 ट्रांजिट टीम का हुआ गठन



अररिया, 27 जून ।ज्ञान मिश्रा

सदर अस्पताल परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बच्चों को दो बूंद दवा पिलाकर जिलाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच ने पल्स पोलियो अभियान का उद्घाटन किया। जिले में पांच दिनों तक चलने वाले इस अभियान में पांच साल से कम उम्र के 7,29 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। पोलियो अभियान का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी ने अभियान की सफलता को लेकर संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये। उन्होंने पोलियो दवा की उपयोगिता व महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए प्राथमिकता के आधार पर बच्चों को दवा पिलाने के लिये अभिभावकों को प्रेरित व प्रोत्साहित किया। मौके पर सिविल सर्जन अररिया डॉ एमपी गुप्ता, डीआईओ डॉ मोईज, एनसीडीओ डॉ डीएमपी साह, एसएमसी यूनिसेफ आदित्य कुमार, सीडीपीओ तनूजा साह, बीएचएम प्रेरणा रानी वर्मा, अस्पताल अधीक्षक डॉ राजेश, अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद सहित संबंधित आधिकारी मौजूद थे।

बच्चों की सेहतमंद जिंदगी के लिये दवा पिलाना जरूरी :

अभियान का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच ने कहा बच्चों की सेहतमंद जिंदगी व सुनहरे भविष्य के लिये पोलियो की दवा पिलाना जरूरी है। दवा पिलाने से बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता का विकास होता है। इससे कई तरह की बीमारियों से बच्चों का बचाव होता है। उन्होंने अभियान के दौरान कोई बच्चा दवा से वंचित न रह जाये इसे लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये। पोलियो से बचाव के लिये दवा को महत्वपूर्ण बताते हुए डीमए ने आम अभिभावकों से बढ़-चढ़ कर अभियान में भाग लेते हुए अभियान को सफल बनाने की अपील की। 

अभियान की सफलता को है जरूरी तैयारी :

सिविल सर्जन डॉ एमपी गुप्ता ने बताया कि पांच दिनों तक चलने वाले पल्स पोलियो अभियान की सफलता को लेकर जरूरी तैयारियां की गयी है। आशा, आंगनबाड़ी सेविका सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मियों को टीकाकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गयी है। पोलियो चक्र की सफलता को लेकर सुपरवाइजर, मॉनिटर सहित अन्य कर्मियों की टीम गठित की गयी है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान जिले के पांच साल से कम उम्र के 7,29 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। इसके लिये घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाने के लिये कुल 1401 टीम गठित किये गये हैं। अभियान की सफलता के लिये 213 ट्रांजिट टीम का गठन किया गया है। निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिये 517 पर्यवेक्षक बहाल किये गये हैं। ईंट भट्ठों के आस-पास रहने वाले बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिये 35 मोबाइल टीम का गठन किया गया है। सिविल सर्जन ने कहा कि इस दौरान कोरोना टीकाकरण अभियान पूर्व की तरह संचालित होगा। 

बारह तरह की बीमारियों से बचाव करती है दवा :

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने कहा कि दो बूंद पोलियो की दवा बारह तरह की बीमारियों से बच्चों की रक्षा करती है। उन्होंने कहा कि पोलियो एक खतरनाक बीमारी है जो लोगों को किसी भी उम्र में लकवा से ग्रसित कर सकता है। पोलियो रीढ़ की हड्डी व मस्तिष्क को मुख्य रूप से नुकसान पहुंचाता है। बीमारी किसी भी उम्र में लोगों को प्रभावित कर सकता है। कम उम्र के बच्चों में इसका ज्यादा खतरा होता है। उन्होंने पांच साल तक के बच्चों को नियमित अंतराल पर पोलियो की दवा पिलाने के लिये लोगों को प्रेरित किया।

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