मधुबनी से आशीष झा की रिपोर्ट।
जिले के फुलपरास प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत बेरियाही मध्य विद्यालय के परिसर में जिला अध्यक्ष धर्मेन्द्र दास की अध्यक्षता एवं ज़िलानिरीक्षक राकेश कुमार चौधरी के नेतृत्व में बिहार ग्राम रक्षा दल की बैठक किया गया.
बैठक को सम्बोधित करते हुए जिला अध्यक्ष धर्मेन्द्र दास ने कहा कि नीतीश सरकार लोकतंत्र का हत्यारा है,उनको और उनके मंत्रियों सहित विधायक को लोकतंत्र का मतलब नहीं पता है. एक तरफ19लाख रोजगार की बात पर बिहार और केंद्र सरकार बिहार के युवाओं और ग्राम रक्षा दल के जवानों को भर्मित कर अपनी सरकार बना लिया.
दास ने ग्राम रक्षा दल से संबंधित कई अहम बातें भी कही. बिहार ग्राम रक्षा दल एक पंचायती राज की एक संस्था है बिहार सरकार की नीति कितनी गंदी है.
पंचायती राज अधिनियम 1949 में लागू ग्राम रक्षा दल का भविष्य.
१.अगर हमारे सदस्य कार्य करने के दौरान अगर आँख या कान कट जाती है तो बिहार सरकार 1050 रुपये देती है.
२.शरीर का कोई हड्डी टूट जाने पर 300 रुपया देती है ये बिहार सरकार.
३.अगर स्थाई रूप से शरीर विकिर हो जाता है तो 600 रुपये देती हैं ये बिहार सरकार.
४.अगर ड्यूटी के दौरान हमारे सदस्यों की मृत्यु हो जाती है तो 10000 रुपये देती हैं ये बिहार सरकार.वहीं ज़िलानिरीक्षक राकेश कुमार चौधरी ने कहा कि ग्राम रक्षा दल को सरकारी कर्मी का दर्जा,मानदेय,स्थायी करण, जीवन सुरक्षा विमा,अन्य सरकारी नियुक्ति में भी प्राथमिकता दें बिहार सरकार.
मौके पर उपस्थित सदस्य पंडौल प्रखंड अध्यक्ष सुबोध कुमार साहू,प्रखंड सचिव दिनेश ठाकुर,कुशेश्वर पासवान,अजय राय,पंकज कुमार राय,प्रेम कुमार साह,रितेश पासवान,इंद्र कुमार,रविन्द्र यादव,रामसुंदर यादव,लक्षण कुमार और अन्य.
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