अमरजीत सिंह संवाददाता भागलपुर
डेस्क:- भागलपुर (बिहार ) सूबे में एक तरफ कोरोना संक्रमण की लगातार मामला सामने आ रहे हैं दूसरी तरफ लगातार बिहार में स्वास्थ्य विभाग एवं बिहार सरकार महामारी से निपटने के लिए तरह-तरह के गाइडलाइन जारी कर रहे हैं लेकिन भागलपुर जिले के अस्पताल की बात की जाए तो वहां पर , महज कुछ महीने चले दर्जनों एंबुलेंस अस्पताल प्रबंधक की लापरवाही से सड़ रहे हैं , जब रिपब्लिक भारत के टीम भागलपुर के सदर अस्पताल में पहुंचे और वहां पर स्वास्थ्य व्यवस्था की जायजा लिया तो , अस्पताल प्रबंधन की इस कदर लापरवाही दिखा, कि संक्रमित मरीज अस्पताल तक आने के लिए भटकते रहे और उनकी जान चली लेकिन अस्पताल प्रबंधक के हाथ दर्जनों एंबुलेंस ठीक नहीं हो पा रहे है।
इधर जन अधिकार पार्टी के मीडिया प्रभारी अजीत कुमार ने रिपब्लिक भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत में दवा क्या है , की दर्जनों एंबुलेंस प्रबंधक की लापरवाही से खराब पड़ा हुआ है अगर अस्पताल प्रबंधक चाहे तो इस एंबुलेंस का उपयोग सही ढंग से कर सरकार समेत मरीजों की जान बचा सके लेकिन अस्पताल प्रबंधक प्रबंदक प्राइवेट अस्पताल से एंबुलेंस चलवाकर कमीशन खाते हैं जिसके वजह से सदर अस्पताल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दर्जनों एंबुलेंस पड़े हुए हैं
पिछले दिन जिला अधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने लगातार अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे लेकिन अस्पताल प्रबंधक की लापरवाही शौचालय के उस गली में छुपा कर रखा है कि शायद जिला अधिकारी महोदय भी नहीं देख सके इधर जाप के मीडिया प्रभारी अजीत कुमार ने रिपब्लिक भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि पिछले दिन जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव को एंबुलेंस उजागर करने पर जेल भिजवा दिया है लेकिन क्या सत्ता पर बैठे सरकार की नीति इस कदर खराब है जो लोगों की जान चली जा रही है और अस्पताल प्रबंधक सिर्फ दो पैसों के लिए काम कर रही हैं
अस्पताल प्रबंधक ने क्या कहा -
-अस्पताल प्रबंधक का कहना था की एंबुलेंस खराब है जिसके वजह से खड़ी हुई है।


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