आरा से शिवम ओझा की रिपोर्ट...
जीरो माइल अवस्थित न्यू कैंपस में मेडिकल कॉलेज बनाने का निर्णय का छात्र संगठन आइसा ने विश्वविद्यालय मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया जिसका संचालन ऐसा के जिला सचिव विकास कुमार ने किया
सभा को संबोधित करते हुए आइसा के राज्य सचिव शब्बीर कुमार ने कहा कि नीतीश सरकार गरीब मजदूर किसान के बेटा बेटियों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था नहीं देना चाहती है और शिक्षा से बेदखल करना चाहती है।
आइसा के जिला अध्यक्ष पप्पू कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की जमीन को बंदरबांट कर रही है बिहार सरकार हम विश्वविद्यालय के अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष तेज करेंगे हमारे पार्टी भाकपा माले के जनप्रतिनिधि भी बिहार विधानसभा के भीतर विश्विद्यालय के अस्तित्व बचाने के लिए मजबूती से आवाज उठा रहें हैं।
सभा को संबोधित करते हुए आगे कहा कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की जमीन महज 42 एकड़ कुछ डिसमिल है और सरकार 25 एकड़ 14 डिसमिल जमीन मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए आवंटित कर चुकी है जबकि 25 एकड़ 14 डिसमिल जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए दे दी गई तो विश्वविद्यालय के पास 17 एकड़ ही जमीन बचेगी जिसे कहां जाए की यूजीसी के मापदंड के अनुसार विश्वविद्यालय का मापदंड पूरा नहीं कर सकते है तो विश्वविद्यालय का मनाता खत्म हो जाएगी और विश्वविद्यालय के अस्तित्व पर खतरा और संकट हो जाएगी इसलिए विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान को बचाने के लिए आइसा संघर्ष तेज करेगी।
सभा को आइसा के जिला सह सचिव सुशील यादव, जिला उपाध्यक्ष कमलेश यादव,राजेश कुमार, रोशन कुशवाहा,सागर पासवान,सहित कई नेताओं ने किया।मौके पर छात्र कल्याण अध्यक्ष और कुलानुशासक पहुंचे छात्रों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि हम आपके विश्वविद्यालय के जमीन बचाने की लड़ाई में साथ है।
प्रदर्शन में आइसा के कई छात्र नेता और छात्र छात्राओं की भागीदारी हुई जिसमें कृष्णा कुमार, रंजन कुमार, जयशंकर कुमार,सुधीर कुमार, शाहनवाज खान धनु कुमार,सनोज कुमार हरेंद्र यादव,रविकांत कुमार, गौतम यादव,सहित सैकड़ों छात्र मौजूद थे।

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