मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का समापन



शेखपुरा से सुनील कुमार की रिपोर्ट...

 मधुमक्खी पालन को लेकर चलाया गए । छह दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न होने के बाद पर शिक्षकों के बीच प्रमाण पत्र वितरण किया गया। जिला कृषि विज्ञान केंद्र अरियरी में आयोजित इस प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में जिले के युवक और युवतियों ने भाग लिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक विनय कुमार मंडल ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद बेरोजगार युवा और युवती मधुमक्खी पालन कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। मधुमक्खी पालन के लिए किसानों के पास भूमि की आवश्यकता नहीं है। भूमिहीन किसान भी मधुमक्खी पालन कर अपनी जीविका चला सकता है। साथ ही मधुमक्खी पालन करने वाले दूसरे को भी रोजगार दे सकते हैं। मधुमक्खी पालन से क्षेत्र के आसपास के खेती में भी मदद मिलती है। खेतों में मधुमक्खी द्वारा पर परागण के कार्य किए जाने से खेती की उपज 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। मधुमक्खी पालन को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा लगातार तकनीकी मदद भी दिए जाने की जानकारी दी गयी। साथ ही इस स्वरोजगार के लिए बैंक द्वारा ऋण भी दिए जाने का प्रावधान है। छह दिवसीय मधु मक्खी पालन का प्रशिक्षण सम्पन्न। तीस प्रशिक्षणार्थियों के बीच प्रमाण पत्र वितरित किया गया। केंद्र प्रभारी डॉ विनय कुमार मंडल, कृषि वैज्ञानिक डॉ जावेद इदरीश, डॉ नवीन कुमार, डॉ डी एन पांडेय, संगीता कुमारी, शबाना सहित अन्य मौजूद थे।

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