कोविड-19 का टीका लेने के बावजूद भी डॉक्टर की हुई मौत


न्यूज़ डेस्क। पटना में कोरोना का कहर फिर शुरू हो गया है । एनएमकीएच पटना के छात्र शुभेंदु की मौत सोमवार को कोरोना के कारण हो गई। शुभेंदु एमबीबीएस के 2016 बैच के छात्र थे। वह नालंदा मेडिकल कॉलेज के फाइनल ईयर के छात्र थे। जानकारी के अनुसार शुभेंदु ने कुछ दिन पहले ही कोविड-19 का टीका लिया था, मंगलवार को एनएमसीएच के 9 छात्र कोरोना पॉजिटिव पाए गए । शुभेंदु शुभम बेगूसराय के दहिया गांव के रहने वाले थे, उनकी मौत भी वही हुई है ।शुभेंदु पटना के एनएमसीएच के ओल्ड बॉयज हॉस्टल में रहते थे।

NMCH में 9 छात्रों के पॉजिटिव पाए जाने की आशंका जताई जा रही है एनएमसीएच के एक सीनियर डॉक्टर ने बताया कि कॉलेज के कोरोना पॉजिटिव पाए गए दो अन्य छात्र निजी अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करा रहे हैं। कोरोना संक्रमित छात्रों के लिए अस्पताल में अलग से आइसोलेशन सेंटर बनाया जा रहा है। एक छात्र की मौत और 9 नए छात्रों के संक्रमित पाए जाने से एनएमसीएच में डॉक्टरों छात्रों और शिक्षकों में दहशत बना हुआ है।

चिंता की बात यह है कि शुभम के संपर्क में रहे 4 अन्य छात्र संकर्मित हैं। इनमें से दो का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।एनएमसीएच में किसी मेडिकल स्टूडेंट की कोरोना से यह पहली मौत है, उसकी मौत की खबर मिलते ही कॉलेज में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। एनएमसीएच के प्राचार्य डॉ. हीरा लाल महतो के अनुसार शुभेंदु ने 24 जनवरी को खांसी सर्दी होने के बाद अपना आरटी पीसीआर सैंपल दिया था उसके बाद वह अपने गांव चले गए थे और रविवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी,उन्हें वही होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई थी।

बताया गया है कि बीमार पड़ने के बाद शुभेंदु लखीसराय स्थित अपने ननिहाल शेरपुर गांव भी गए थे । वहां तबीयत बिगड़ने के बाद अपने गांव दहिया चले गए थे। दो दिन पहले उन्हें बेगूसराय के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था वही उनकी मौत हो गई परिचार्य हीरालाल महतो ने बताया कि इस समय कॉलेज में टर्मिनल परीक्षा चल रही है छात्रों से कहा गया है कि जो घर जाना चाहते हैं वह परीक्षा छोड़ कर घर जा सकते हैं।

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