नवगछिया प्रतिनिधि - नवगछिया थाना क्षेत्र के बिजली विभाग के एसडीओ के पुराने कार्यालय स्थित कैश शाखा से मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात को अज्ञात अपराधियों ने चौकीदार को बंधक बना कर 17 लाख रुपये की डकैती कर ली है. घटना के बाद बंधक बनाए गए गार्ड कहलगांव निवासी ज्योतिश राय ने घटना की सूचना बिजली विभाग के पदाधिकारियों को दी. सूचना मिलते ही देर रात नवगछिया एसपी सुशांत कुमार सरोज के निर्देश पर गोपालपुर और नवगछिया थाने की पुलिस ने छानबीन प्रारंभ किया. जबकि बुधवार को सुबह खुद नवगछिया एसपी ने घटना स्थल का जायजा लिया है. कांड का उद्भेदन करने के लिये खोजी कुत्ते की मदद ली गयी है तो विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने भी घटना स्थल पर पहुंच कर साक्ष्यों को एकत्रित किया है. पुलिस ने संदेह के आधार पर चौकीदार ज्योतिश राय, प्राइवेट वाच मैन नारायणपुर के नन्हकार निवासी कुंदन यादव को हिरासत में ले लिया है जबकि कैश शाखा के कैशियर उपेंद्र कुमार से भी पुलिस ने सघन पूछताछ की है. मामले की प्राथमिकी नवगछिया थाने में दर्ज कर पुलिस अनुसंधान शुरू कर चुकी है. जानकारी मिली है कि तीन दिनों से बैंक बंद रहने के कारण तीन दिनों में बिजली विभाग के विभिन्न कार्यालय द्वारा वसूल किया गया बिजली बिल कैश काउंटर में ही रखा था. विभाग के पदाधिकारियों के अनुसार कुल मिलाकर 17 लाख रुपये की नकदी कैश शाखा की तिजौड़ी में रखा गया था. कैश काउंटर भवन में ड्यूटी पर मौजूद चौकीदार ज्योतिश राय ने कहा कि मंगलवार की रात को ड्यूटी पर एक वाच मैन के साथ उनकी ड्यूटी थी. लेकिन शाम में नन्हकार निवासी कुंदन कुमार ने कहा कि उसकी पत्नी बीमार है इसलिए वह घर जा रहा है. देर रात चौकीदार ज्योतिश राय भवन में अकेले थे. चौकीदार ज्योतिश ने कहा कि भवन का मैन गेट बंद था. वे कैश शाखा के बगल वाले कमरे में ही सो रहे थे. देर रात चार अपराधी उनके कमरे में आ गए और एक अपराधी ने उसके कनपटी में हथियार सटा कर उसका मुंह बंद कर दिया. इसके बाद अपराधियों ने कैश शाखा के कमरे का ताला तोड़ा फिर तिजोड़ी का ताला तोड़ कर सारा रकम ले लिया. चौकीदार ने कहा कि अपराधी छत से रास्ते से ही घुसे थे और छत से कूद कर ही भागे भी. चौकीदार ने कहा कि कुछ देर बाद जब सभी अपराधी मौके से भाग गए तो उसने मौके से ही बिजली विभाग के पदाधिकारियों को घटना की सूचना दी.
इधर नवगछिया एसपी सुशांत कुमार के निर्देश पर घटना का जल्द से जल्द उद्भेदन करने के लिए एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक एसआइटी का गठन किया है. एसआइटी में नवगछिया, गोपालपुर और बिहपुर के पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया था. बुधवार को देर शाम संभावित ठिकाने पर छापेमारी भी की गयी है. इधर नवगछिया के एसडीपीओ दिलीप कुमार ने कहा कि मामला चोरी का है या डकैती है यह छनबीन का विषय है.
क्या कहते हैं एसपी
नवगछिया के एसपी सुशांत कुमार सरोज ने बताया कि मामले की प्राथमिकी दर्ज कर लिया है. कांड का उद्भेदन करने के लिये खोजी कुत्ते और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की मदद ली गयी है. जल्द से जल्द कांड का उद्भेदन किया जाएगा और अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी.
बिजली विभाग के कर्मी और गार्ड संदेह के घेरे में
- पुलिस के कई कर्मियों और गार्डों के मोबाइल को किया जब्त
इस बिजली विभाग के कैश शाखा में 17 लाख की डकैती होने के मामले में विभाग के कई कर्मियों समेत चौकीदार और गार्ड संदेह के घेरे में हैं. चौकीदार समेत एक गार्ड को हिरासत में लिए जाने और कैशियर से पूछताछ किये जाने के बाद पुलिस ने कई कर्मियों और गार्ड का मोबाइल जब्त कर पुलिस अनुसंधान में जुट गयी है.
विभाग के सहायक अभियंता के बयान पर दर्ज की गयी प्राथमिकी
₹17 लाख डाका के मामले में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन लि. के सहायक अभियंता आशीष कुमार के लिखित बयान के आधार पर मामले की प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जिसमें कहा गया है कि तीन दिनों से बैंक बंद रहने के कारण कैश शाखा में ही 17 लाख रुपये जमा रखा गया था जिसे अपराधियों ने लूट लिया.
क्यों हो रहा है कर्मियों और गार्डों पर संदेह
सहायक एसडीओ के पुराने कार्यालय के भवन का मुख्य गेट बंद था. दूसरी तरफ भवन के छत पर चढ़ने के कोई रास्ता नहीं है. छत पर किसी प्रकार के निशान भी नहीं पाये गए हैं. ऐसी स्थिति में जब तक कोई जानकार इस घटना में संलिप्त नहीं है तब तक कैश काउंटर की सुरक्षा को भेद पाना संभव नहीं था. डॉग स्क्वाड ने भी घटना के संदर्भ में किसी प्रकार की खास जानकारी नहीं दी है. पुलिस का कुत्ता भवन के इर्द गिर्द ही मंडराता रह गया.
एक बजकर 22 मिनट पर गार्ड ने दी थी सहायक अभियंता को सूचना
बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता इंदुभूषण कुमार कश्यप घटना के बाद एक बजकर 25 मिनट पर गार्ड ने घटना की सूचना बिजली विभाग परिसर में ही रहने वाले जेई प्रशांत कुमार को दी गयी. एक बजकर 40 मिनट पर जेई ने घटना की सूचना कार्यपालक अभियंता को दी. फिर जेई ने ही मामले की सूचना पुलिस को दी. करीब ढाई बजे तक पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गयी थी.
फिंगर प्रिंट के विशेषज्ञ को भी किया गया सक्रिय
कैश रूम के दरवाजे को अपराधियों द्वारा लाये गए एक खंती से तोड़ा गया था और संभवतः तिजोड़ी का ताला भी खंती की मदद से ही तोड़ा गया है. ऐसी स्थिति कई जगहों पर अपराधियों के उंगलियों के निशान होने की संभावना है. ऐसी स्थिति में पुलिस के फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट द्वारा उंगलियों के निशानों को साक्ष्य स्वरूप एकत्रित किया गया है.
भवन के आस पास के सीसीटीभी फुटेज को खंगाल रही पुलिस
जिस भवन में घटना हुई है वहां पर आस पास कहीं भी सीसीटीभी नहीं है लेकिन पुलिस घटना स्थल के 500 मीटर के दायरे में स्थित सीसीटीभी फुटेज को खंगालने में जुट गयी है.



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