शेखपुरा से सुनील कुमार की रिपोर्ट
किसान विरोधी तीनों कृषि कानून और बिजली बिल 2020 वापस लेने ,बिहार में मंडी व्यवस्था लागू करने और धान सहित सभी अनाजों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाने,मनरेगा मजदूरों को 2 सौ दिन काम करने और 6 सौ रुपए दैनिक मजदूरी देने की गारंटी करने की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय सह अंचल कार्यालय पर भाकपा माले और खेग्रमस के तरफ से धरना दिया गया| धरना की अध्यक्षता माले नेता राजेश कुमार राय ने किया| इस आंदोलन में भाकपा माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय, प्रखंड सचिव कमलेश कुमार मानव, इंकलाबी नौजवान सभा के जिला सचिव कमलेश प्रसाद, खेग्रामस के जिला प्रभारी विश्वनाथ प्रसाद, खेग्रामस अरियरी प्रखंड प्रभारी सुबेलाल कुमार, माले नेता जगदीश चौहान, नेत्री तेतरी देवी, आशा देवी, गौरी देवी, अनीता देवी आदि नेताओं ने भाग लिया। इन नेताओं ने कहा कि प्रखंड के कई गांव में गरीब लोग अपनी जमीन नहीं रहने के कारण सरकारी जमीन पर आवास बना कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं| इन गरीबों को सीओ के द्वारा नोटिस भेजकर बार-बार धमकाया जा रहा है| नेताओं ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीबों को घर ढाहने का नोटिस वापस किया जाए| नेताओं ने मनरेगा को सबसे बड़ा चारागाह बताया| उन्होंने कहा कि इस योजना में मुखिया से लेकर ठेकेदार, अधिकारी सभी योजनाओं के पैसा का बंदरबाट करते हैं। नेताओं ने तीन कृषि काला कानून वापस लेने के लिए मोदी सरकार से मांग किया| उन्होंने कहा कि बिहार में मंडी व्यवस्था लागू किया जाए और धान सहित सभी अनाज समर्थन मूल्य पर बेचने संबंधित कानून बनाया जाए|

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