मधुबनी से आशीष की रिपोर्ट ।
कर्पूरी ठाकुर समाजवादी विचारधारा के अमूल्य धरोहर है। सामाजिक रूप से हाशिये पर खडे लोगों को मजबूत करने तथा सामाजिक आर्थिक तथा राजनीतिक स्तर पर उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने जितना काम किया भारतीय राजनीति में वह एक उदाहरण है। जरूरत है उनकी बिचारधारा को अपनाने की । उपरोक्त बातें जिला जदयू के तत्वावधान में आयोजित पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर की जयंती समारोह का उद्घाटन करते हुए बतौर मुख्य अतिथि बाबूबरही की जदयू बिधायक मीना कुमारी कामत ने कही। कार्यक्रम मे पूर्व सीएम के तैल चित्र पर माल्यार्पण के बाद बिधायक ने पूर्व सीएम के संकल्पों तथा आदर्शो को आधुनिक राजनेताओं के लिए एक पद्चिन्ह बताते हुए कहा कि किसानों मजदूरों तथा युवाओं के मुद्दों पर पूर्व सीएम ने जो लकीर खींची उसको पाटना संभव नहीं है क्योंकि कर्पूरी ठाकुर की ईमानदार आचरण को वरन करना मुश्किल है। पूर्व बिधायक सतीश साह ने पूर्व सीएम के आदर्शों की चर्चा करते हुए कहा कि बतौर सीएम कर्पूरी ने 11 अक्तूबर 1977 को जेपी के जन्मदिन पर जो चार ऐतिहासिक निर्णय लिये थे किसानों के हित में वह बहुत ही प्रभावशाली साबित हुआ। जिलाध्यक्ष अब्दुल कैयूम ने कर्पूरी ठाकुर को एक प्रखर राजनेता, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तथा गरीब गुरबो का सच्चा हितैषी करार देते हुए ईमानदारी तथा सादगी के साथ परिवारवाद से मुक्त रहकर शासन करना उनकी प्राथमिकता थी। इस शासन शैली के बदौलत ही वह अजातशत्रु बने रहे। जिला संगठन प्रभारी डा अंजित चौधरी ने कर्पूरी ठाकुर की बिचारधारा को पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण पूंजी बताते हुए कहा कि कमजोर वर्गों के बिकास के लिए उन्होंने जो पहल व प्रयास किये वह वाकई में एक उदाहरण साबित हुआ। प्रदेश जदयू के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से पूर्व सीएम के पद्चिन्हो पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि आजके राजनीतिक कार्यकर्ताओं को उनके जीवन से सीखने की आवश्यकता है। अति पिछडा प्रकोष्ठ के मधुबनी जिला ध्यक्ष रामभरोस राय की अध्यक्षता तथा संगठन के झंझारपुर अध्यक्ष मुन्ना भंडारी के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम मे मृणालकांत सिंह मून डा शिवकुमार यादव कमलाकांत भारती केदार भंडारी प्रभात रंजन अभिनव कुमार सन्नी अविनाश सिंह गौड भरत चौधरी देवेन्द्र चौधरी बासुदेव कुशवाहा रामबाबू सिंह रामबहादुरझ चौधरी डा संजीव झा सत्यनारायण यादव उपेन्द्र सहनी संगीता ठाकुर कुमारी उषा बिक्रमशीला देवी सीमा मंडल सोनी कुमारी मंजू राय टिंकू कसेरा सुधीर राय धर्मेन्द्र साह गुलाब साह संतोष झा विजय राम अवध कुशवाहा अहमद हुसैन रजा अली सइद अनवर मुस्तकिम राइन शशिभूषण सिंह आलोक कुमार इफ्तिखार जिलानी मोहब्बद लियाकत सद्दाम कमरे कपिलप्रसाद फूलदेव यादव तौसीफ़ आलम कमलनारायण सिंह गोपाल झा अजित सिंह संजय कुशवाहा शंकर झा प्रभु जी झा आदि ने भी अपने बिचार व्यक्त किये।
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