डाक्टरों के हड़ताल के कारण जिले में स्वास्थ्य सेवा पर मामूली असर पड़ा। आयुर्वेदिक चिकित्सको को आपरेशन के अनुमति के विरोध में यहाँ कई डाक्टर दिन भर हड़ताल पर रहे। आईएमए के आह्वान पर सभी सरकारी और निजी डाक्टर अपने काम से दूर रहे।
डाक्टरों ने इस आदेश को वापस लेने को लेकर प्रदर्शन भी किया। आईएमए के जिलाध्यक्ष पूर्व सिविल सर्जन डा एमपी सिंह, सचिव डा रामाश्रय प्रसाद सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा केएमपी सिंह, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डा वीरेंद्र कुमार, डा शरतचंद, डा बनोद चौधरी, डा शैलेन्द्र कुमार, डा आशीष रंजन, डा रिंकी सहित बड़ी संख्या में डाक्टरों ने प्रदर्शन में भाग लिया।
डाक्टरों ने इस आदेश को वापस लेने की मांग की। आन्दोलन कर रहे डाक्टरों ने बताया कि सरकार का यह निर्णय आमलोगों के हित में नहीं है । डाक्टर के हड़ताल के कारण जिले के सरकारी और निजी सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर लोगो को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा ।
सदर अस्पताल में इमरजेंसी सेवा चालू देखा गया। इसके साथ ही कोरोना ड्यूटी में लगे डाक्टर ही कार्य में लगे रहे। प्रसव कक्ष में आम दिनों की भांति दिन भर कार्य हुआ। लोग शुक्रवार को इलाज के लिए सदर अस्पताल सहित अन्य केन्द्रों पर पहुचे ।
जिन्हें बिना इलाज ही वापस लौटना पड़ा। कई निजी अस्पतालों और क्लीनिको में ताला लटका रहा। डाक्टर के अभाव में स्वास्थ्य कर्मी भी खाली बैठे नजर आये । सदर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों पर बाद में वीरानी छाई रही। आईएमए ने इस हड़ताल को आशा से अधिक सफल बताया है ।

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