डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल के प्राचार्य पद पर कार्यरत हैं पुत्र सुधांशु शेखर शोक सभा आयोजित कर दी गई श्रद्धांजलि


शेखपुरा से सुनील कुमार की रिपोर्ट :

मां शब्द की जब भी चर्चा होती,प्रशंसा में शब्द कम पड़ जाते हैं.उसमें भी जब ऐसी मां जिन्होंने अपने जीवन काल में दो बार पुत्र को जीवनदान दिया। उनके बखान में प्रशंसा शब्द फीका पड़ जाता है।हम बात कर रहे हैं बरबीघा के प्रसिद्ध डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सुधांशु शेखर के दिवंगत माता मालती देवी का। 

दरअसल 14 वर्ष पूर्व सुधांशु शेखर की दोनों किडनी फेल हो गई थी। पुत्र को मौत के दरवाजे पर खड़ा देख उनकी माता ने 61 वर्ष की उम्र में अपनी एक किडनी बेटे को दान दे कर कर मां शब्द की गरिमा में चार चांद लगा दिया। 14 वर्ष पूर्व मां द्वारा दी गई। किडनी का सफल प्रत्यारोपण करवा कर सुधांशु शेखर एक स्वस्थ सुखी और सफल जीवन बिता रहे हैं।

लेकिन अपने पुत्र को दो बार जीवन देने वाली माता का बीती रात ब्रेन ट्यूमर के कारण 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।उनके निधन से बेटे को जहां अपूरणीय क्षति हुई तो वही विद्यालय परिवार के साथ साथ पूरे बरबीघा की आंखें भी नम हो गई।हालांकि किडनी दान करने के उपरांत भी वे 15 वर्षों तक स्वस्थ जीवन जीती रही।इस दौरान सुधांशु शेखर भी तन मन धन से उनकी सेवा में जुटे रहे। इस घटना से जहां मां बेटे के बीच अगाध प्रेम को बल मिला वहीं थी।

 यह भी सिद्ध हो गया कि किडनी दान करने के बाद भी लोग निरोग जीवन जी सकते हैं। दिवंगत माता श्री के सम्मान में बुधवार को विद्यालय के प्रांगण में शोक सभा का भी आयोजन किया गया। शोक सभा में निदेशक रोहित कुमार ,मनोज कुमार अरविंद मानव सहित अन्य समाजसेवियों व बुद्धिजीवियों ने कुल के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

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