ओंको-फर्टिलिटी कैंसर मरीजों में संतान प्राप्ति की आशा की नई किरण



  • ओंको-फर्टिलिटी कैंसर मरीजों में संतान प्राप्ति की आशा की नई किरण
  • डॉ संजीव कुमार एवं डॉक्टर कुमारी अनुराग ने IMA & POGS के द्वारा आयोजित कार्यक्रम "पिंक वॉक" ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस प्रोग्राम में कहा

पटना : ओंको-फर्टिलिटी कैंसर रोग विशेषज्ञ तथा फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट के सामूहिक तकनीक का बेहतर संगम है। आजकल कैंसर के प्रति जागरूकता तथा स्क्रीनिंग से कैंसर जैसी बीमारी का अर्ली डिटेक्शन संभव है तथा समुचित इलाज से पूरी तरह से कैंसर मुक्त होने की संभावनाएं काफी बढ़ गई। 5 ईयर सर्वाइवल भी काफी बढ़ चुका है ।जैसा कि हम लोग जानते हैं की बहुत सारी कैंसर कम उम्र में तथा बच्चे पैदा करने वाली उम्र में भी होती है। इसके प्रभावी निदान कीमोथेरेपी , रेडियोथेरेपी तथा सर्जरी के द्वारा होता है तथा कैंसर की होने वाले इन इलाजों से अंडे दानी ,बच्चेदानी वह एवं पुरुषों की टेस्टिस ( अंडकोष) के प्रजनन क्षमता पर दुष्प्रभाव होता है। अतः अंको फर्टिलिटी के अंतर्गत ए आर टि स्पेशलिस्ट (फर्टिलॉजिस्ट )कैंसर के इलाज शुरू करने के पहले प्रजनन क्षमता संरक्षण के विकल्पों विस्तृत चर्चा करते हैं ताकि मरिज जब कैंसर से मुक्त होकर भविष्य में संतान सुख भी प्राप्त कर सकें । 

डॉ कुमारी अनुराग के मुताबिक अति-आधुनिक इलाज के दौर में आर्टिफिशियल रिप्रोडक्टिव टेक्निक जो कि कैंसर की इलाज के पहले भी ,कैंसर के इलाज के दौरान भी और कैंसर के इलाज के बाद भी एक उपयोगी तरकीब है जिसके द्वारा कैंसर मुक्त मरीज को संतान सुख मिल सकता है।

Embryologist डॉक्टर पंकज कुमार ने कहा क्रायोप्रिजर्वेशन बहुत उपयोगी तकनीक है जिसमें भ्रूण को ,स्पर्म को तथा अंडे को फ्रीज (-196 डिग्री सेंटीग्रेड )रखा जाता है। इस प्रक्रिया के द्वारा भ्रूण को एंड को तथा स्पर्म को बरसों फ्रीज कर रखा जा सकता है तथा सही समय पर आईवीएफ की मदद से बच्चे किया जा सकते हैं।

कई दफा कुछ हार्मोन की सुई लगाकर अंडे दानी पर कीमोथेरेपी से होने वाले दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता है। डॉ संजीव कुमार ने कहा कि फर्टिलिटी प्रिजर्विंग दूरबीन सर्जरी के द्वारा बच्चेदानी तथा अंडे दानी संतान उत्पत्ति हेतु बचाया जाता है । अंडेदानी मे होने वाले ट्यूमर जैसे कि जर्म-सेल टयूमर, सेक्स-कार्ड ट्यूमर, बॉर्डर-लाइन ट्यूमर आदि आदि में फर्टिलिटी प्रिजर्विंग दूरबीन सर्जरी काफी उपयोगी है।

सारांश यह है कि अंको-फर्टिलिटी आज की चिकित्सा पद्धति की नई शोध भी है जरूरत भी है और चमत्कार भी है।

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