अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर जीकेसी ने आयोजित किया भव्य सांस्कृतिक समारोह, कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति




पटना : विश्व स्तरीय कायस्थ संगठन ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) की कला-संस्कृति इकाई की ओर से सदी के महानायक एवं भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन के जन्मदिन के अवसर पर विशेष सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कला, संगीत और रचनात्मकता के रंग बिखेरे। समारोह का उद्देश्य महानायक अमिताभ बच्चन के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही कलाकारों को प्रोत्साहित करना और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था।

जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कायस्थ कुल गौरव और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा की ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने अपनी अद्वितीय अभिनय प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और संघर्ष के बल पर देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान बनाई है। अमिताभ बच्चन ने अपने शानदार फिल्मी सफर से न केवल भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं, बल्कि अपनी प्रतिभा से कायस्थ समाज को भी गौरवान्वित किया है। उनका व्यक्तित्व, कार्यशैली और निरंतर सक्रियता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके जन्मदिन पर आयोजित सांस्कृतिक समारोह उनके प्रति सम्मान और स्नेह की अभिव्यक्ति है। ऐसे आयोजन कला-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के साथ समाज की प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




श्री प्रसाद ने कहा कि कला और संस्कृति समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और समाज में रचनात्मकता एवं आपसी सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि जीकेसी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और कला-संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय सिनेमा के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का सुंदर उदाहरण है।

जीकेसी की मैनेजिंग ट्रस्टी रागिनी रंजन ने कहा कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने असाधारण अभिनय, मेहनत, अनुशासन और बहुमुखी प्रतिभा से करोड़ों लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। अमिताभ बच्चन का व्यक्तित्व और उनका लंबा फिल्मी सफर हर पीढ़ी के कलाकारों को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन ने अपनी उपलब्धियों से कायस्थ समाज को गौरवान्वित किया है। उनके जन्मदिन पर जीकेसी की कला-संस्कृति इकाई की ओर से आयोजित सांस्कृतिक समारोह उनके प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करने का एक विशेष अवसर है। ऐसे आयोजन कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देने के साथ कला, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि कला-संस्कृति किसी भी समाज की पहचान और उसकी समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कलाकारों को उचित मंच और प्रोत्साहन मिलने से उनकी प्रतिभा निखरती है तथा नई पीढ़ी को रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि जीकेसी का प्रयास है कि देश-विदेश में रहने वाले कलाकारों को एक मंच पर लाकर उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाई जाए और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाया जाए।

जीकेसी के ग्लोबल कार्यकारी अध्यक्ष, कला-संस्कृति प्रकोष्ठ प्रेम कुमार ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी कलाकारों, विशिष्ट अतिथियों, आयोजकों, पदाधिकारियों और तकनीकी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति लोगों को आपस में जोड़ने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का सशक्त माध्यम हैं। जीकेसी का प्रयास है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिलें और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान प्राप्त हो।

जीकेसी के कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के ग्लोबल महासचिव पवन सक्सेना ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी कलाकारों, अतिथियों, पदाधिकारियों और तकनीकी सहयोगियों के सामूहिक प्रयास से समारोह यादगार बना। उन्होंने कहा कि किसी भी सांस्कृतिक आयोजन की सफलता के लिए बेहतर समन्वय, टीम भावना और सभी प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी कला एवं संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।




कार्यक्रम में जीकेसी कला संस्कृति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रंजन कुमार, मुंबई से सा रे ग म विनर रहीं शालिनी बैरागी- कभी कभी मेरे दिल मे,,, , ख्यातिलब्ध गायिका मृणालिनी अखौरी- तेर मेरे मिलन की ये रैना, मुंबई से ही जुबिन सिन्हा- ये क्या हुआ, कब हुआ कैसे हुआ... ,नवीन श्रीवास्तव -कभी एक पल भी...., पटना से कुमार संभव-ना बिछडेंगे मर के भी हम, स्तुति श्रीवास्तव- एक दूसरे से करते हैं प्यार हम... , आशीष कुमार- दुनिया का बोझ हम उठाते हैं... , भोपाल सेअभिषेक माथुर- माउथ आर्गन, चंदन श्रीवास्तव,डॉ. मुक्ति श्रीवास्तव, जयपुर से यश माथुर - ओ साथी रे... और तनिष्क श्रीवास्तव ने गिटार से अपनी प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता के माध्यम से समारोह में उत्साहपूर्ण वातावरण का निर्माण किया।

कार्यक्रम के संयोजन एवं समन्वय में जीकेसी के कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के ग्लोबल महासचिव पवन सक्सेना और राष्ट्रीय महासचिव शिवानी गौड़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, तकनीकी एवं डिजिटल व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने में आईटी प्रकोष्ठ के सदस्यों, विशेष रूप से नवीन श्रीवास्तव और आशुतोष ब्रजेश ने सहयोग दिया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्लोबल उपाध्यक्ष दीपक अभिषेक,राष्ट्रीय महासचिव नवीन कुमार,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह सदस्यता अभियान संयोजक निलेश रंजन  राष्ट्रीय प्रवक्ता मुकेश महान 
समन्वयक अनिल कुमार दास, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संजीव श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों की सहभागिता से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ी और कलाकारों का उत्साहवर्धन हुआ।

कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए प्रतिभागियों को दो समूह में बांट कर आपसी प्रतियोगिता भी कराई गई थी । हलाकि दोनों ही टीमें बराबरी पर रहीं।

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