आज नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित Agrivoltaics World Conference 2026 में सम्मिलित हुआ।






न्यू दिल्ली : इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विश्वभर के नीति-निर्माताओं, कृषि वैज्ञानिकों एवं ऊर्जा विशेषज्ञों के साथ 'एग्रीवोल्टाइक्स' (कृषि के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन) की संभावनाओं, अत्याधुनिक तकनीकों और किसानों की आय दोगुनी करने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।




आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में एवं माननीय केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रहलाद जोशी जी, माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के नेतृत्व में भारत आज पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़कर 'अन्नदाता' को 'ऊर्जादाता' बनाने की दिशा में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। एक ही भूमि से खाद्यान्न उत्पादन के साथ-साथ सौर ऊर्जा का सृजन न केवल कार्बन उत्सर्जन घटाने में क्रांतिकारी कदम है, बल्कि यह हमारे किसान भाइयों के लिए अतिरिक्त आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार भी है।




बिहार जैसे कृषि-प्रधान राज्य के लिए यह तकनीक अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है, जिससे खेतों की उत्पादकता भी बढ़ेगी और किसानों को सस्ती व निरंतर हरित ऊर्जा भी सुलभ होगी। ग्लोबल साउथ के विकास और हरित भविष्य के निर्माण हेतु हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ अग्रसर हैं।

जय जवान, जय किसान!



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