पटना, 21 सितंबर 2026: महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित विधायी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के विषय पर एक दिवसीय राज्यस्तरीय परामर्श-सह-कार्यशाला का आयोजन सोमवार को निगम के सभागार, पटना में किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तीकरण से संबंधित प्रमुख कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देना तथा विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास निगम की प्रशासी पदाधिकारी सुश्री मंजूषा चंद्रा के स्वागत संबोधन से हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 तथा साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता वीडियो का लोकार्पण भी किया गया।
महिला एवं बाल विकास निगम की प्रशासी पदाधिकारी सुश्री मनीषा चंद्रा ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए महिलाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए विधायी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 तथा कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 से संबंधित विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 पर आयोजित सत्र में यूनिसेफ की राज्य परामर्शदाता (बाल संरक्षण) सुश्री ऋचा बक्शी ने “बिहार में बाल विवाह उन्मूलन में तेजी लाना” विषय पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान बाल विवाह की रोकथाम के लिए विभिन्न हितधारकों के अनुभवों एवं सुझावों पर चर्चा की गई तथा आगे की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श हुआ।
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित सत्र में C3 की जेंडर विशेषज्ञ सुश्री सुभा ने “अनुपालन से संस्कृति तक: बिहार में जेंडर-संवेदनशील कार्यस्थलों का निर्माण” विषय पर प्रस्तुति दी। सत्र में प्रतिभागियों ने पॉश अधिनियम के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों, चुनौतियों एवं सीखों को साझा किया तथा इसके प्रभावी अनुपालन को सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा की।
इस राज्यस्तरीय परामर्श-सह-कार्यशाला में संबंधित विभागों, सहयोगी संस्थाओं एवं विभिन्न हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने महिलाओं की सुरक्षा, कानूनी जागरूकता, संस्थागत जवाबदेही तथा समन्वित कार्रवाई को सुदृढ़ करने के विषय पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के अंत में UNFPA के प्रतिनिधि श्री ऋषु प्रकाश द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
— महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार









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