कीट नियंत्रण के लिए किसानों को मिलेगा 75 प्रतिशत तक अनुदान, जैविक उपायों को मिलेगा बढ़ावा : विजय कुमार सिन्हा



  • फेरोमोन, स्टिकी और फ्रूट फ्लाई ट्रैप पर मिलेगा भारी अनुदान, किसान जल्द करें आवेदन
  • सामान्य क्षेत्रों में पांच और टाल क्षेत्रों में 10 एकड़ तक उपादान खरीद पर मिलेगी सहायता
  • धान, मक्का, टमाटर, बैंगन, सब्जियों और फलदार फसलों में कीट नियंत्रण को मिलेगा बढ़ावा

पटना, 25 सितंबर।

राज्य में फसलों को हानिकारक कीटों के प्रकोप से बचाने और रासायनिक कीटनाशकों के अनावश्यक इस्तेमाल को कम करने के लिए कृषि विभाग की ओर से विशेष पहल की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत राज्यभर में ‘पौधा संरक्षण से संबंधित उपादान वितरण योजना’ संचालित की जा रही है। योजना के तहत किसानों को क्लस्टर में कीट नियंत्रण से संबंधित उपादानों की खरीद पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि किसान फसलों को कीटों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ऑनलाइन आवेदन करें और फेरोमोन ट्रैप, स्टिकी ट्रैप तथा फ्रूट फ्लाई ट्रैप पर मिलने वाले अनुदान का लाभ उठाएं। सरकार सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल कीट प्रबंधन उपायों को बढ़ावा देने के साथ किसानों की उत्पादन लागत कम करने और फसल की गुणवत्ता व उत्पादकता बनाए रखने पर जोर दे रही है।

योजना के तहत फेरोमोन ट्रैप, स्टिकी ट्रैप और फ्रूट फ्लाई ट्रैप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनका उपयोग धान, मक्का, टमाटर, बैंगन और अन्य सब्जियों के साथ अमरूद जैसी फलदार फसलों में कीट नियंत्रण के लिए किया जा सकता है।

फसलवार निर्धारित है अनुदान

श्री सिन्हा ने बताया कि धान में तना छेदक तथा बैंगन में तना एवं फल छेदक कीट के नियंत्रण के लिए फेरोमोन ट्रैप पर 96 रुपये प्रति सेट अथवा 480 रुपये प्रति एकड़ अनुदान मिलेगा। मक्का में फॉल आर्मीवर्म के नियंत्रण के लिए 162 रुपये प्रति सेट अथवा 810 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा।

टॉप बोरर एवं सूंडी के नियंत्रण के लिए फेरोमोन ट्रैप पर 108 रुपये प्रति सेट अथवा 540 रुपये प्रति एकड़, जबकि टमाटर में लीफ माइनर के नियंत्रण के लिए 177 रुपये प्रति सेट अथवा अधिकतम 885 रुपये प्रति एकड़ अनुदान मिलेगा। सब्जियों में डायमंड बैक मॉथ के नियंत्रण के लिए 171 रुपये प्रति सेट अथवा अधिकतम 855 रुपये प्रति एकड़ अनुदान निर्धारित है।

सभी फसलों के लिए स्टिकी ट्रैप पर 30 रुपये प्रति सेट अथवा अधिकतम 360 रुपये प्रति एकड़ अनुदान मिलेगा। सब्जियों में फ्रूट फ्लाई के नियंत्रण के लिए 153 रुपये प्रति सेट अथवा अधिकतम 765 रुपये प्रति एकड़ तथा फलदार फसलों में फ्रूट फ्लाई के नियंत्रण के लिए 165 रुपये प्रति सेट अथवा अधिकतम 825 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा।

टाल क्षेत्रों में 10 एकड़ तक अनुदान

माननीय कृषि मंत्री ने बताया कि योजना के तहत सामान्य क्षेत्रों में एक किसान को अधिकतम पांच एकड़ तक के लिए अनुदान मिलेगा। वहीं, टाल क्षेत्र के जिलों पटना, नालंदा, लखीसराय, शेखपुरा, भागलपुर और मुंगेर में अधिकतम 10 एकड़ तक के उपादान क्रय पर अनुदान दिया जाएगा।

अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। इच्छुक किसान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। किसानों से समय पर आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की गई है।

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