प्रशांत किशोर की पार्टी के 20 नेता गिरफ्तार, बांकीपुर में वोटिंग से पहले हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता।





पटना : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले जन सुराज और उसके संस्थापक प्रशांत किशोर के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी का दावा है कि पटना पुलिस और एसटीएफ ने जन सुराज से जुड़े 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया है।

इसके विरोध में पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा के पुलिस पर्यवेक्षक को पत्र लिखकर कार्रवाई को एकतरफा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया है। इससे पहले बुधवार को ही जेडीयू की शिकायत पर प्रशांत किशोर के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ था। ऐसे में मतदान से पहले राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है।




बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जन सुराज ने आरोप लगाया कि उसके 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पटना पुलिस और एसटीएफ ने हिरासत में लिया है। पार्टी का कहना है कि इन लोगों को अलग-अलग इलाकों से उठाया गया, जबकि वे किसी हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं थे। जन सुराज ने इसे चुनाव से पहले राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है। हालांकि पुलिस की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन लोगों को किन आरोपों में गिरफ्तार किया गया या उनसे पूछताछ किस मामले में की जा रही है।

पुलिस पर्यवेक्षक को पत्र लिखकर कार्रवाई पर उठाए सवाल

गिरफ्तारी के बाद जन सुराज ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के पुलिस पर्यवेक्षक को पत्र भेजा। पत्र में कहा गया कि पार्टी से जुड़े कई लोग निजी काम या परिजनों से मिलने पटना आए थे, लेकिन उन्हें एकतरफा कार्रवाई करते हुए हिरासत में ले लिया गया। पत्र में प्रत्यूष पूर्व, वरुण कुमार, अभय शर्मा, विकास सिंह, अमीर इम्तियाज, मनीष झा और सुदर्शन मिश्रा समेत कई नामों का उल्लेख किया गया। पार्टी ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप और आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।

प्रशांत किशोर पर केस के बाद बढ़ीं राजनीतिक मुश्किलें

बुधवार को ही जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना के शास्त्री नगर थाने में मामला दर्ज किया गया। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने शिकायत दी कि प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक वीडियो को एआई से तैयार बताया और भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया। अब पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे कानून के दायरे में की गई कार्रवाई कह रहा है।

मतदान से पहले गरमाया बांकीपुर का चुनावी माहौल

30 जुलाई को बांकीपुर विधानसभा सीट पर मतदान होना है और इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। जन सुराज से खुद प्रशांत किशोर मैदान में हैं, इसलिए पूरे राज्य की नजर इस चुनाव पर टिकी है। मतदान से पहले पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी और प्रशांत किशोर पर दर्ज केस ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। विपक्ष इसे प्रशासनिक दबाव का मामला बता रहा है, जबकि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी भी है। ऐसे में यह घटनाक्रम राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।





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