- "जय जवान, जय किसान" से "जय अनुसंधान" तक की यात्रा को नई गति देगा डिजिटल कृषि अभियान
- Google के सहयोग से किसानों के लिए बीज से बाजार तक डिजिटल व्यवस्था विकसित करेंगे -विजय कुमार सिन्हा
पटना : बिहार सरकार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने आज नई दिल्ली में Google के गवर्नमेंट बिजनेस हेड श्री आशीष वट्टल एवं उनकी टीम के साथ बैठक कर कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, Farmer ID तथा किसानों को बीज से बाजार तक तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री श्री सिन्हा ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में किसानों का योगदान सदैव सर्वाेपरि रहा है। देश ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के "जय जवान, जय किसान" के मंत्र से प्रेरणा ली, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें "जय विज्ञान" का सूत्र जोड़ा और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसे आगे बढ़ाते हुए "जय अनुसंधान" का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि यही "जय अनुसंधान"आज कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नवाचार और डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से किसानों के जीवन में परिवर्तन का आधार बन रहा है।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री का सपना है कि देश के प्रत्येक किसान की Farmer ID बने, जो केवल एक पहचान पत्र नहीं बल्कि किसान का डिजिटल कृषि अभिलेख होगी। इसमें किसान को मिलने वाली उर्वरक एवं कीटनाशी की उपलब्धता, विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त सब्सिडी, कृषि उपज की खरीद सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेंगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंच सकेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि Farmer ID को भूमि अभिलेखों से जोड़ने की दिशा में कार्य होने से भविष्य में जमीन संबंधी विवादों में कमी आएगी। परिमार्जन, दाखिल-खारिज तथा भूमि अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होने से किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न्यायालयों पर भी भूमि विवादों का बोझ कम होगा।
उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री के रूप में कार्य करते हुए भूमि अभिलेखों के परिमार्जन, दाखिल-खारिज एवं Farmer ID निर्माण के अभियान को व्यापक स्तर पर गति दी गई थी, जिसे आम जनता ने भी सराहा। अब आवश्यकता है कि इस अभियान को और तेज़ी से आगे बढ़ाकर माननीय प्रधानमंत्री के डिजिटल कृषि के संकल्प को साकार किया जाए।
श्री सिन्हा ने कहा कि बिहार में 96 प्रतिशत से अधिक किसान लघु एवं सीमांत हैं। छोटे जोत वाले किसानों के लिए उनकी भूमि ही सबसे बड़ी पूंजी और जीवन का आधार है। इसलिए तकनीक का उपयोग ऐसा होना चाहिए, जिससे उनकी जमीन सुरक्षित रहे, सरकारी सेवाएं सरलता से उपलब्ध हों और भविष्य में उनके परिवारों को अनावश्यक विवादों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि बिहार की लगभग 76 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है तथा कृषि ही राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार का सबसे बड़ा आधार है। ऐसे में Google जैसी अग्रणी तकनीकी संस्था के सहयोग से कृषि क्षेत्र में आधुनिक डिजिटल समाधान विकसित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि Google द्वारा प्रस्तुत तकनीकी मॉडल एवं डिजिटल समाधान का विभाग विस्तार से अध्ययन करेगा। विभाग अपनी आवश्यकताओं का समुचित आकलन कर तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय स्थापित करेगा, ताकि बिहार के किसानों के हित में सर्वाधिक उपयोगी एवं प्रभावी डिजिटल व्यवस्था विकसित की जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार, तकनीकी संस्थानों एवं किसानों के साझा प्रयास से बिहार की कृषि को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया जा सकेगा।

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