"रोजगार सृजन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका": माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, श्री राम कृपाल यादव
"सहकार से समृद्धि" अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए राज्यव्यापी प्रशिक्षण पहल शुरू
पारंपरिक खेती के साथ फल, सब्जी, जैविक एवं औषधीय खेती को बढ़ावा देने पर जोर
विभागीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों को राज्य से बाहर संचालित सफल सहकारिता मॉडलों के अध्ययन हेतु एक्सपोजर विजिट पर भेजने का भी निर्देश
आज दिनांक 26 मई ,2026 को माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग श्री राम कृपाल यादव के द्वारा विभाग के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों हेतु आयोजित तीन दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ डी.एन.एस. क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान, पटना में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारिता योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाते हुए किसानों एवं ग्रामीण समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि सहकारिता अब केवल एक विभाग नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का मजबूत आधार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि "सहकार से समृद्धि" को साकार करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही है तथा सहकारी संस्थाओं को मजबूत कर गांवों में रोजगार, स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को संगठित कर रोजगार के अवसर बढ़ाये जा सकते हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 1.37 करोड़ ग्रामीण किसान पैक्स के सदस्य हैं तथा अभियान चलाकर सदस्य संख्या में और वृद्धि की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़कर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा पैक्सों में व्यवसायिक विविधीकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा पैक्सों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक प्रकार की सेवाएँ उपलब्ध करायी जा रही हैं। किसानों एवं पैक्स सदस्यों को कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र, माइक्रो एटीएम आधारित डोर स्टेप बैंकिंग, बिहार राज्य फसल सहायता योजना, मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना, खाद्यान्न अधिप्राप्ति एवं गोदाम निर्माण योजना जैसी विभिन्न योजनाओं की जानकारी एवं लाभ दिलाने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
माननीय मंत्री ने कृषि के विविधीकरण पर बल देते हुए कहा कि पारंपरिक खेती के साथ फल, सब्जी, जैविक एवं औषधीय खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। साथ ही कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं पैकेजिंग के माध्यम से किसानों की आय बढ़ायी जा सकती है। उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों को राज्य से बाहर संचालित सफल सहकारिता मॉडलों के अध्ययन हेतु एक्सपोजर विजिट पर भेजने का भी निर्देश दिया।
सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के साथ-साथ समितियों के अध्यक्षों एवं प्रबंधकों को भी राज्य एवं राज्य के बाहर प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है, ताकि सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाया जा सके। प्रशिक्षण में भाग ले रहे सहकारिता प्रसार पदाधिकारिया को सचिव ने निर्देशित किया कि प्रशिक्षण के उपरांत वे क्षेत्र भ्रमण की संख्या बढ़ाते हुए समितियों में विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार श्री रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि विभाग का लक्ष्य पैक्स से जुड़े सभी सदस्यों तक प्रशिक्षण एवं जागरूकता पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर प्रबंधकारिणी समिति के सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे और वे आगे अपने-अपने क्षेत्रों में पैक्स सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम चरण में राज्य के सभी 534 प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रथम बैच में 60 सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा चरणबद्ध तरीके से सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण कौशल, संवाद तकनीक एवं आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही कृषि एवं गैर-कृषि क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं उद्यमिता से संबंधित गतिविधियों के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। कृषि क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्दधन, जैविक एवं औषधीय खेती की जानकारी दी जाएगी, जबकि गैर-कृषि क्षेत्र में एलईडी बल्ब निर्माण, सोलर प्लांट एवं पेयजल पैकेजिंग जैसे लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जाएगा।
दूसरे चरण में सभी मास्टर ट्रेनर प्रखंड स्तर पर पैक्सों की प्रबंधकारिणी समिति के सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद प्रबंधकारिणी सदस्य चरणबद्ध तरीके से पैक्स सदस्यों को विभागीय योजनाओं एवं सहकारी समितियों से मिलने वाले लाभों की जानकारी देंगे।
इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव, श्री धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियाँ, श्री रजनीश कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक (अंकेक्षण) श्री कामेश्वर ठाकुर, डी एन. एस क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान के प्रचार्य श्री के.पी. रंजन सहित अन्य विभागीय पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

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