आयकर अधिनियम, 2025 पर मेगा आउटरीच कार्यक्रम प्रारंभ-2026




पटना : "प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, बिहार एवं झारखंड क्षेत्र, पटना के कार्यालय ने 21.05.2026 को दोपहर 3 बजे "प्रारंभ-2026" शीर्षक से एक मेगा आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका उद्देश्य आयकर अधिनियम, 2025 की मुख्य विशेषताओं पर चर्चा को बढ़ावा देना और जागरूकता पैदा करना था, जो 01.04.2026 से प्रभावी हुआ है। यह कार्यक्रम विभाग की करदाता-केंद्रित पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य करदाताओं और हितधारकों को नए कानून के तहत शुरू किए गए महत्वपूर्ण सुधारों और सरलीकृत ढांचे से परिचित कराना है। 





आयकर अधिनियम, 2025 को अनुपालन बोझ को कम करने, समेकित प्रावधानों और स्पष्ट परिभाषाओं के साथ एक सुव्यवस्थित, सरल और आधुनिक कर संहिता प्रदान करने के लिए अधिनियमित किया गया है। नया अधिनियम मौजूदा कर नीति को अधिक तार्किक, सुलभ और पाठक के अनुकूल प्रारूप में प्रस्तुत करने के साथ-साथ व्यापार करने में आसानी (ease of doing business) को बढ़ावा देने और स्वैच्छिक अनुपालन को मजबूत करने का प्रयास करता है। 






इस कार्यक्रम में पटना के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ प्रमुख डॉक्टरों, शिक्षाविदों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), सरकारी संगठनों, व्यापार और उद्योग निकायों, कर पेशेवरों और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन सत्र के साथ हुई, जिसमें दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और डॉ. डी. सुधाकर राव, माननीय PCCIT (B&J), पटना द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (Pr. CCIT) ने अपने संबोधन में पारदर्शी शासन, हितधारकों की भागीदारी और नए कर शासन के सुचारू कार्यान्वयन के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। पद्म श्री श्रीमती सुधा वर्गीज, पद्म श्री डॉ. विजय प्रकाश और पद्म श्री श्री भीम सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने इस अवसर पर अपने बहुमूल्य विचार साझा किए।





तकनीकी सत्र में श्री अशोक झा, CCIT (सेवानिवृत्त) द्वारा आयकर अधिनियम, 2025 पर एक मुख्य प्रस्तुति दी गई, जिसमें कर प्रशासन को सरल बनाने, अनुपालन में आसानी लाने और कर प्रणाली में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए पेश किए गए, प्रमुख सुधारों पर प्रकाश डाला गया। नए ढांचे के तहत आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले फॉर्मों से परिचित कराने पर एक अलग सत्र श्री के. एल. कनक, CIT (प्रशासन एवं TPS) द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक प्रश्नोत्तरी और हितधारक फीडबैक सत्र भी आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को आयकर अधिनियम, 2025 और आयकर नियम, 2026 के कार्यान्वयन से संबंधित अपने विचार, सुझाव और व्यावहारिक चिंताओं को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का समापन श्री राजेश कुमार झा, CCIT रांची द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव और उसके बाद राष्ट्रगान के साथ हुआ।विभाग का मानना है कि इस तरह की भागीदारी से विश्वास मजबूत होगा, जागरूकता बढ़ेगी और नए कानून के तहत शुरू किए गए सुधारों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित होगा। विभाग निरंतर आउटरीच, जागरूकता और समाज के सभी वर्गों के साथ संवाद के माध्यम से करदाता-अनुकूल वातावरण बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।

के. एल. कनक
आयकर आयुक्त
(प्रशासन एवं TPS), पटना

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