फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरूआत: राज्य के सभी किसानों की फार्मर आई॰डी॰ बनाना हमारा संकल्प




  • फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरूआत: राज्य के सभी किसानों की फार्मर आई॰डी॰ बनाना हमारा संकल्प
  • फार्मर रजिस्ट्री केवल एक नम्बर नहीं, बल्कि किसान का पहचान पत्र
  • इससे खाद, बीज, ऋण और फसल सहायता का लाभ बिना किसी अड़चन के सीधे किसानों के खाते में पहुँचेगा
  • बिचौलियों की दीवार गिराकर सीधे सरकार और किसान के बीच मजबूत सेतु बन रहा है ‘एग्री स्टैक’-कृषि मंत्री

(दिनांक 12.05.2026)

पटना। माननीय कृषि मंत्री, बिहार श्री विजय कुमार सिन्हा ने आज कृषि भवन के सभागार से पटना जिला के फुलवारीशरीफ प्रखण्ड के किसानों की फार्मर आई॰डी॰ बनाने के साथ फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरूआत की।





इस अवसर पर माननीय कृषि मंत्री ने फुलवारीशरीफ प्रखण्ड के पाँच किसानों श्रीमती लछमिनिया देवी, श्री सुनील कुमार सिंह, श्री रामप्रवेश सिंह, श्री अजय कुमार और श्री उदय कुमार को फार्मर आई॰डी॰ का वितरण किया। 

श्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। आज हम उस डिजिटल क्रांति के दूसरे चरण की शुरुआत कर रहे हैं, जो हमारे अन्नदाताओं के जीवन में खुशहाली और पारदर्शिता का नया सवेरा लेकर आएगी। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के उस महान विजन का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने डिजिटल इंडिया के माध्यम से देश के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने का सपना देखा है। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि जब तकनीक और किसान का मेल होगा, तभी भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर बनेगी।




उन्होंने कहा कि एग्री-स्टैक उसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो बिचौलियों की दीवार को गिराकर सीधे सरकार और किसान के बीच एक मजबूत सेतु बना रहा है। साथ ही, सुशासन से विकसित बिहार बनाने के संकल्प को साकार करना हम सबकी जिम्मेवारी है। कृषि विभाग ने कृषि रोड मैप के माध्यम से बिहार के किसानों की खुशहाली को प्राथमिकता दी है। कृषि रोड मैप में कृषि विभाग के साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग भी पहले से जुड़ा हुआ है। आज कृषि विभाग और राजस्व विभाग का यह अद्भुत समन्वय इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है।




माननीय मंत्री ने कहा कि पूर्व में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री के नाते हमने वर्षों से लंबित म्यूटेशन एवं परिमार्जन को विभागीय पोर्टल के माध्यम से युद्धस्तर पर कार्यान्वित कराया जिसके फलस्वरूप फार्मर रजिस्ट्री की यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई। राज्य में कुल 4 करोड़ 54 लाख जमाबंदी कायम है। कृषि विभाग के पोर्टल पर अभी तक 88 लाख 40 हजार किसानों का ई-के०वाई०सी० पूर्ण किया गया है जिसमें से 47 लाख 85 हजार किसानों का फार्मर आई०डी० बना है। शेष 40 लाख 54 हजार किसानों का फार्मर आई०डी० तैयार किया जाना है। हमारा संकल्प है कि राज्य के सभी किसानों का फार्मर आई०डी० बनेगा।




उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में हमने 47 लाख 85 हजार से अधिक किसानों का सफल पंजीकरण कर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसकी चर्चा आज पूरे देश में हो रही है। यानी हमने 55 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिसमें पी०एम०-किसान के कुल 23 लाख 79 हजार किसानों का भी फार्मर आई०डी० सम्मिलित है। यानी पी०एम० किसान के लाभार्थी किसानों में से 28 प्रतिशत किसानों का फार्मर आई०डी० बन चुका है। हमारे अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिस निष्ठा से कार्य किया, उसी का नतीजा है कि भारत सरकार से हमें 269 करोड़ 88 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है।




श्री सिन्हा ने कहा कि आज से शुरू हो रहा यह दूसरा चरण एक मिशन है। हमारा लक्ष्य है कि बिहार का एक भी किसान इस डिजिटल डेटाबेस से वंचित न रहे। यह रजिस्ट्री केवल एक नंबर नहीं है, बल्कि यह किसान का पहचान पत्र है। इससे खाद, बीज, ऋण और फसल सहायता का लाभ बिना किसी अड़चन के सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगा। यह तकनीक किसानों की अपनी जमीन पर फसल उत्पादन का असली हकदार बनाएगी। उन्होंने सभा में मौजूद मुख्य सचिव, कृषि विभाग के प्रधान सचिव और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव का धन्यवाद किया और कहा कि इन सभी अधिकारियों ने राजस्व और कृषि को एक सूत्र में पिरोकर इस जटिल कार्य को सरलतम बना दिया है। 

मुख्य सचिव, बिहार श्री प्रत्यय अमृत ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य पूरी पारदर्शिता को बरतना है ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी कार्यालय में नहीं जाना पड़े। उन्होंने कहा कि फार्मर आई॰डी॰ बन जाने से किसानों को खेती का पूरा आइडिया रियल टाईम में मिल जायेगा। फार्मर रजिस्ट्री होने पर किसानों की जमीन का खुद-ब-खुद परिमार्जन हो जायेगा और उन्हें इसके लिए दफतरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। 

प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार श्री नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। आज हम इसके दूसरे चरण की शुरूआत करने जा रहे है। सभी किसानों से अपील करते हैं कि कृषि विभाग की तरफ से चलायी जा रही योजनाओं का लाभ लेने के लिए वे फार्मर आई॰डी॰ जरूर बनवायें। उन्होंने कहा कि देश में जब यू॰पी॰आई॰ की शुरूआत की गई थी, उस समय इसका अर्थ समक्ष नहीं आया था, लेकिन आज यू॰पी॰आई॰ को देश में ही नहीं विदेशों में भी मान्यता मिल रही है। 

इस अवसर पर सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार श्री जय सिंह, कृषि विभाग के विशेष सचिव श्री बीरेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक श्री सौरभ सुमन यादव, निदेशक उद्यान श्री अभिषेक कुमार सहित विभाग के वरीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण और किसान मौजूद थे।

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