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भारत मंडपम परिसर में आयोजित नक्षत्र आरोग्यम 2026 महोत्सव में बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार शामिल हुए




आज नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम परिसर में आयोजित नक्षत्र आरोग्यम 2026 महोत्सव में बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार शामिल हुए।इस अवसर पर अपने अभिभाषण में उन्होंने कहा कि आज नक्षत्र 2026 जैसे भव्य और अर्थपूर्ण आयोजन में, आप सभी के बीच उपस्थित होना मेरे लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, वैदिक विज्ञान और आयुर्वेदिक चेतना का उत्सव है। मैं इसके लिए भारत व्यापार संवर्धन संगठन और फ्यूचर प्वाइंट को विशेष रूप से बधाई देता हूं, जिन्होंने पिछले 19 वर्षों से निरंतर इस आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित कर भारतीय वैदिक ज्ञान को वैश्विक मंच प्रदान किया है। यह निरंतरता अपने आप में साधना और समर्पण का उदाहरण है।




यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि हमारा देश भारत केवल एक भौगोलिक राष्ट्र नहीं है, बल्कि ज्ञान, दर्शन और विज्ञान की जीवंत प्रयोगशाला रहा है। हमारे ऋषि-मुनियों ने सहस्र वर्षों तक ज्योतिष, अंकशास्त्र, हस्तरेखा, वास्तु, आयुर्वेद या योग जैसे विषयों पर गहन शोध किया है। ये विषय आज भी मानव जीवन को दिशा देने में उतने ही प्रासंगिक हैं। 

भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस प्रकार भारत की प्राचीन वैदिक विज्ञान परंपराओं को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया है, उसी का प्रत्यक्ष परिणाम है कि आज नक्षत्र जैसी प्रदर्शनी न केवल लोकप्रिय हो रही है, बल्कि युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बन रही है। आज यह देखकर अत्यंत संतोष होता है कि ज्योतिष और आयुर्वेद को अंधविश्वास नहीं, बल्कि अनुभव आधारित विज्ञान के रूप में समझा जा रहा है।आम जनमानस भी अपने जीवन को संतुलित एवं सकारात्मक बनाने के लिए इन विधाओं की ओर आकर्षित हो रही है।





यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि भारतीय ज्ञान परंपरा कभी पुरानी नहीं होती, वह समय के साथ और अधिक प्रासंगिक होती जाती है। आवश्यकता केवल इतनी है कि हम इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नैतिकता और जनकल्याण के भाव के साथ आगे बढ़ाएं। आज के इस पुरस्कार समारोह में जिन विद्वानों को सम्मानित किया जा रहा है, वे न केवल अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, बल्कि वे भारत की ज्ञान परंपरा के सच्चे संवाहक हैं। आप सभी ने अपने ज्ञान, साधना और अनुभव से समाज को दिशा देने का कार्य किया है। इसके लिए मैं आप सभी को हृदय से बधाई देता हूं।





मैं आशा करता हूं कि नक्षत्र प्रदर्शनी भविष्य में भी भारतीय वैदिक और आयुर्वेदिक विज्ञान को नई ऊंचाइयों तक ले जाते हुए शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करेगी और भारत को एक बार फिर विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस मौके पर संपूर्ण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्री बिहारी लाल , डॉ अरुण कुमार बंसल, डॉ जयप्रकाश शर्मा जी, निदेशक श्रीमती आभा बंसल, डॉ सुरेश , डॉ अनिल कुमार जैन,श्री प्रमोद कुमार सिन्हा , श्री सतीश कुमार सिन्हा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।


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