स्थान: गांधी मैदान, पटना
गांधी मैदान, पटना में आयोजित “कारीगरी हाट – बिहार 2025” सोमवार को जनसैलाब और उत्साह का केंद्र बना रहा। आज मेले में जहानाबाद के पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार ने विशेष रूप से पधारकर कारीगरी हाट के सभी स्टॉलों का भ्रमण किया और कारीगरों, महिला उद्यमियों एवं एफपीओ प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन क्षमता की सराहना की।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार सरकार की ओर से श्री पुरुषोत्तम एवं श्री रमाकांत की गरिमामयी उपस्थिति रही। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए 20 स्टॉलों पर बिहार की महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, हस्तकरघा एवं घरेलू उपयोग के उत्पाद बिक्री हेतु उपलब्ध हैं, जहाँ उत्साहजनक और संतोषजनक खरीदारी देखी जा रही है।
वहीं डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार की ओर से श्री आफताब आलम की उपस्थिति में विभागीय योजनाओं से संबंधित जागरूकता हेतु पाठ्य सामग्री आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पशुपालन, दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी सीधे लाभार्थियों तक पहुँच रही है।
कार्यक्रम में अंबपाली हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प बहुराज्यीय सहकारी समिति लिमिटेड की ओर से
अर्चना सिंह (अध्यक्ष), सत्यम कुमार सिंह (प्रबंधक),
डॉ. जनार्दन जी,
श्री ए. के. वर्मा,
श्री अनिल प्रसाद (सेवानिवृत्त IFS)
की भी उपस्थिति रही।
आयोजकों के अनुसार, कारीगरी हाट – बिहार 2025 में अब तक की कुल बिक्री 40 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है, जो महिला कारीगरों, सहकारी संस्थाओं एवं एफपीओ के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
कारीगरी हाट बिहार की पारंपरिक कला को न केवल राष्ट्रीय पहचान दिला रहा है, बल्कि महिला सशक्तिकरण, स्वरोज़गार और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को भी सशक्त कर रहा है।







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