बासोपट्टी में श्रीमद्भागवत कथा का दूसरे दिन श्रोताओं की उमड़ी भीड़ जीवन में गुरु की बड़ी महत्ता है गुरु हमें अज्ञानता से दूर कर धर्म का मार्ग दिखाते है


मधुबनी - बासोपट्टी से रौशन कुमार की रिपोर्ट। स्थानीय बाजार में गिरिजा पैलेस परिसर में आयोजित भागवत कथा के दौरान प्रवचन करते हुए कृष्ण प्रिया जी महाराज ने कही.उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण कल्पवृक्ष से भी बढ़कर है.कल्पवृक्ष मात्र तीन वस्तु अर्थ,धर्म और काम ही दे सकता है.श्रीमद्भागवत दिव्य कल्पतरु है.यह अर्थ,धर्म,काम के साथ साथ भक्ति और मुक्ति प्रदान करके जीव को परम पद हासिल कराता है.कथावाचिका ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल पुस्तक नहीं साक्षात श्रीकृष्ण का स्वरूप है.इसके एक एक अक्षर में श्रीकृष्ण समाए हुए है.उन्होंने कहा कि कथा सुनना समस्त दान,व्रत,तीर्थ,पुण्य आदि कर्म से बढ़कर है.भागवत के चार अक्षर इसका तात्पर्य भा से भक्ति, ग से ज्ञान, व से वैराग्य और त से त्याग है.कथा प्राशाल में श्रोता कीर्तन,भजन एवं प्रवचन सुन भाव विभोर हो रहे थे.कथा के प्रथम दिन मानव जीवन के उद्धार की प्रथम सीढ़ी है.जिस प्रकार किसी भवन की नींव रखी जाती है फिर उस पर अट्टालिकाए खड़ी होती है.उसी प्रकार प्रथम दिन भागवत में भगवान की महता का वर्णन किया जाता है.इसके बाद भगवान कृष्ण की भक्ति का विस्तार से वर्णन होता है.उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के नामो से बिहार का बिहारी शब्द जुड़ा हुआ है.जैसे श्याम बिहारी,कुंज बिहारी और अवध बिहारी आदि.कार्यक्रम के दौरान कई झांकी भी प्रस्तुत किया गया.दोपहर दो बजे से प्रतिदिन कार्यक्रम शुरू हो रही है.कार्यक्रम की सफलता को लेकर सभी सदस्य अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे है.आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय महतो ने बताया कि महामारी को देखते कई व्यवस्थाएं भी की गई है.

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