कृषि कानून के खिलाफ रेल चक्का जाम आंदोलन के लोगों ने रेल रोका


शेखपुरा से सुनील कुमार की रिपोर्ट....

तीनों कृषि कानून को वापस लेने के सवाल पर किसानों का राष्ट्रव्यापी रेल चक्का जाम कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को शेखपुरा रेलवे स्टेशन में क्यूल- गया डीएमयू को घंटों किसानों ने रोका| अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता कमलेश कुमार मानव ने बताया कि शेखपुरा में यह कार्यक्रम अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले किया गया| किसानों के इस संघर्ष में शेखपुरा महागठबंधन के सभी दलों के नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए| भाकपा माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय नेता कमलेश प्रसाद, राजेश कुमार राय, विश्वनाथ प्रसाद, सीपीएम जिला सचिव बीरबल शर्मा,सीपीआई के नेता प्रभात कुमार पांडे, रामाकांत सिंह, सीता राम मांझी, इरफान, आनंदी सिंह, राजद जिला अध्यक्ष संजय सिंह, शंभू यादव, राजेंद्र यादव आदि शामिल हुए। रेल पटरी पर सारे नेता घंटों खड़े होकर नारेबाजी करते रहे और रेल वही रुकी रही| इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि देश की सारी संपत्ति मोदी सरकार बेचकर अब खेती किसानी भी अडानी अंबानी जैसे कारपोरेट को देने की तैयारी कर रही है| 3 महीनों से लगातार किसान दिल्ली बॉर्डर सहित पूरे देश में आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार किसानों की मांग तीन काले कृषि कानून को वापस लेने को नहीं मान रही। बिहार में मंडी व्यवस्था लागू करने, धान सहित सभी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी संबंधित कानून बनाने की मांग किया गया।

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