शेखपुरा से सुनील कुमार की रिपोर्ट
नाबार्ड के तत्वावधान में अग्रणी जिला बैंक के समन्वय से स्वयं सहायता समूह और संयुक्त देयता समूह को साख संबंधन विषय पर रविवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अग्रणी बैंक कार्यालय में किया गया। इस कार्यक्रम में अग्रणी बैंक प्रबंधक, सुभाष कुमार भगत, डीडीएम नाबार्ड, अनुपम गुप्ता, जीविका के माइक्रो फाइनेंस प्रबंधक अविनाश कुमार, आरसेटी निदेशक अश्वनी कुमार, महिला शिक्षण संस्थान के सुप्रिया एवं केनरा बैंक प्रबंधक राजीव कुमार, विनोद कुमार एवं विभिन्न बैंकों के प्रबंधक और समूह से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। जीविका के अविनाश कुमार बताया कि समूह से जुड़कर महिलाओं और उनके परिवार का व्यापक विकास हुआ है जीविका के माध्यम से लगभग 4 हजार समूहों का साख संबंधन किया गया है । जिससे लगभग 40 हजार परिवार लाभान्वित हुआ है। आरसेटी निदेशक द्वारा बताया गया कि स्व रोजगार हेतु 70 तरह के विधा का प्रशिक्षण दिया जाता है जिसका लाभ लेकर कुशलता से अपनी आय बढा सकते हैं। अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा ऋण संबंधन और ससमय ऋण की अदायगी के.महत्व का विस्तार से वर्णन किया गया। उनके द्वारा बताया गया है ऋण के ससमय अदायगी भविष्य निर्माण के बेहतर योजना को मूर्त रूप देने बैंक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते है, और व्यवसाय के विस्तार में अधिक ऋण संसाधन कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराता है। साथ ही उन्होंने बिहार के विकास में महिलाओं और महिला से संबंधित समूह की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही भविष्य की आकस्मिक आवश्यकता की पूर्ति हेतु आय से एक निश्चित राशि बचत के रूप सुरक्षित रखने का प्रावधान करने का सुझाव दिया ताकि भविष्य में वह राशि शाँक एवजार्वर की तरह काम कर सके। डीडीएम नाबार्ड द्वारा नाबार्ड द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया और बताया कि महिलाओं के विकास के बिना ग्रामीण क्षेत्रों का विकास संभव नहीं है। निदेशक महिला शिक्षण संस्थान द्वारा समूह. निर्माण में होने वाली समस्या और उसके संबंधन मे आने वाली समस्या से अवगत कराया गया तथा आत्मविश्वास से कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैंक प्रबंधकों की और ससमय साख संबंधन मे पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया।

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