कलमधारी फाउंडेशन द्वारा बिहार की राजधारी पटना में साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें बिहार व बिहार से बाहर के कविगण सम्मिलित हुए और कार्यक्रम को सफल बनायें।। कार्यक्रम में बिहार के आरा जिले के शाहपुर प्रखंड के भीमपट्टी गाँव के प्रेमसागर पाण्डेय को एक कवि के रूप में आमंत्रित किया गया।।
जिसमे शामिल हो प्रेमसागर ने अपनी काव्य-पाठ से अपनी प्रस्तुति दी।जिसमे कवि प्रेमसागर को विशेष रूप से सराहना,दुलार और आशीर्वाद कवि कुल के कविमित्रो द्वारा प्राप्त हुई।।वैसे प्रेमसागर का परिचय बता दे कि प्रेमसागर एक शिक्षक और किसान के बेटे है,इनके पिता श्री भरत पाण्डेय इनके किये गए कार्यो को काफी सराहा और मजाक-मजाक में कभी डॉ कुमार के जैसे नाम करने की बात कहते है ऐसा प्रेमसागर ने खुद कहा।।
प्रेमसागर इन सब के श्रेय अपने बड़े,बुजुर्गों, गुरु,छोटो सब को देते है,जिनके आशीर्वाद,दुवा से प्रगति पथ पर निरंतर अग्रसर रहते हैं।।काव्य-पाठ में मंच का संचालन अनिकेत पाठक कर रहे और उनका साथ अजान और मृत्युंजय वाजपेयी दे रहे थे।।कलमधारी फाउंडेशन के संस्थापक मृत्युंजय वाजपेयी खुद एक कवि हैं जो विभिन्न शहरों में साहित्यिक कार्यक्रमों को आयोजित करते हैं।
प्रेमसागर अपनी काव्य-पाठ की शुरुआत अपनी स्वरचित मुक्तक से की-
यकीन माने हिसाब सबका होगा।।
किसी का आज तो किसी का कल होगा।।
हम इतने शरीफ थोड़े न है,की हर बात भूल जाये
सयंम रखे,तारीखों पर सजा का ऐलान ज़रूर होगा।

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