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अधिसूचना के बाद पंचायत समिति की हुई बैठक पर उठ रहे आचार संहिता के मामले का सवाल

मधुबनी-लदनियां से हरिश्चन्द्र यादव की रिपोर्ट: लदनियां प्रखंड पंचयात समिति की बैठक शुक्रवार को निर्धारित समय से डेढ़ घण्टे विलम्ब से शुरू हुई। झमाझम बारिश के बीच ससमय पहुंचे सदस्यगण को ईओ सह बीडीओ अखिलेश्वर कुमार की प्रतीक्षा काफी देर तक करनी पड़ी। 

सदस्यगण    आचार संहिता की घोषणा से पूर्व बैठक की शुरुआत करने के पक्षधर थे। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा द्वारा 12 . 32 में बिहार विधानसभा चुनाव की  अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके बाद बीडीओ श्री कुमार सदन में पहुंचे। तब एक बजे के बाद बैठक की कार्रवाई शुरू की जा सकी।

 प्रखंड प्रमुख प्रमिला देवी व उपप्रमुख मनोज कुमार यादव ने  कोरम पूर्ति के बाद भी इसलिए बैठक की शुरुआत नहीं की, क्योंकि पंचायत राज अधिनियम के अनुसार पंचायत समिति की बैठक में ईओ सह बीडीओ की उपस्थिति अनिवार्य होती है। इसलिए बैठक निर्धारित समय पर शुरु नहीं हुई। तो सवाल उठता है कि बीडीओ को आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने की जानकारी नहीं थी। क्या सदन में इसकी चर्चा किसी ने नहीं की। जिलाधिकारी के द्वारा जारी पत्र, जिसमें बैनर पोस्टर आदि हटवाने का आदेश दिया गया था, अप्राप्त रहा, या जान बूझ कर इन सब बातों की अनदेखी की गई।

कुछ सदस्यों के अनुसार बीडीओ को इन सब बातों की जानकारी थी, अगर ऐसा नहीं होता तो पत्रकारों को सदन की कार्रवाई से अलग रखने की साजिश पहली बार क्यों की जाती। चहेते सदस्यों के हिसाब से प्रस्ताव लेने के लिए बैठक करीब साढ़े तीन बजे तक चलती रही। कई नयी योजना से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किये गये। 

लेकिन आचार संहिता के कारण पारित प्रस्ताव पर ग्रहण लगने की चिंता सदस्यों को सताने लगी है। सवाल उठना लाजिमी है, क्योंकि लोगों के आशंकित मन बार -बार कहते हैं कि अधिसूचना जारी के साथ ही लागू आदर्श आचार संहिता के बाद हुई पंचायत समिति की बैठक आचार संहिता के दायरे में आयेगी या नहीं ?

 

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