- दुबई, सऊदी अरब और मलेशिया में रोजगार दिलाने के नाम पर वसूली का आरोप; डंकी रूट से विदेश भेजने और बंधुआ मजदूरी कराने के भी आरोप, पाकिस्तानी एजेंट के साथ थी साथ घाट,
- विदेश में नौकरी का झांसा, हजारों युवाओं से ठगी का आरोप! किशनगंज पुलिस ने पटना से दो आरोपियों को दबोचा
किशनगंज। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर सीमांचल के हजारों बेरोजगार युवाओं को कथित तौर पर ठगी का शिकार बनाने के मामले में किशनगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर एसटीएफ की मदद से दो प्राथमिकी अभियुक्तों हाजी नाहिद गनी और मो. तवरेज को 16 अक्टूबर 2026 को पटना से गिरफ्तार किया है। दोनों पूर्णिया जिले के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ किशनगंज और पूर्णिया जिले में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी से जुड़े आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर हाजी नाहिद गनी प्राइवेट लिमिटेड और तैयबा इंटरनेशनल टूर एंड ट्रैवल्स के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को दुबई, सऊदी अरब, थाईलैंड और मलेशिया में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर मोटी रकम वसूलने का आरोप है। प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ युवाओं को कथित तौर पर डंकी रूट के जरिए अवैध रूप से मलेशिया भेजा गया। वहां पहुंचने के बाद उन्हें वीजा के अनुसार काम नहीं देकर जबरन दूसरा काम कराने और बंधुआ मजदूरी जैसी परिस्थितियों में रखने की शिकायत भी सामने आई है।विशनपुर थाना कांड संख्या 47/26 में वादी मो. सुलेमान ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र नूरजफर को विदेश भेजने के नाम पर 1 लाख 80 हजार रुपये लिए गए। शिकायत के अनुसार, नूरजफर को 9 सितंबर 2026 को पटना से दिल्ली और फिर थाईलैंड के क्राबी भेजा गया। इसके बाद 18 सितंबर को कथित तौर पर अवैध रास्ते से मलेशिया में प्रवेश कराया गया।वादी के मुताबिक, मलेशिया में एक कथित पाकिस्तानी एजेंट ने नूरजफर समेत कई युवकों को एक कमरे में बंद रखा और बाद में जोहोर क्षेत्र में काम पर लगाया। वहां इमिग्रेशन पुलिस की छापेमारी के दौरान कई युवकों की गिरफ्तारी हुई। नूरजफर किसी तरह जंगल में छिपकर बच निकला और दूसरे स्थानीय एजेंट की मदद से भारत लौट आया।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, हाजी नाहिद गनी के खिलाफ कोचाधामन, बहादुरगंज और विशनपुर थानों के अलावा पूर्णिया जिले के रौटा थाने में भी मामले दर्ज हैं। इन मामलों में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी, जालसाजी, अवैध उत्प्रवासन और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अन्य पीड़ितों और आरोपियों से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है।पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 खुशरू सिराज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर टीम ने एसटीएफ के सहयोग से पटना में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनके अन्य कार्यों, संभावित नेटवर्क और अपराध से अर्जित संपत्ति की जांच की जा रही है। संपत्ति का पता चलने पर उसे जब्त करने के लिए विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।



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