- फ़तनपुर में स्थित तिवारी जी मनपसंद ढाबा पर सजी साहित्यिक महफ़िल
- साहित्य, सौहार्द, और काव्य की त्रिवेणी बना ‘कवयित्री संगोष्ठी एवं प्रीति भोज’,
- शाम-ए-अदब फ़ाउंडेशन की पहल की सराहना
प्रतापगढ़। साहित्य, संस्कृति, आपसी भाईचारे और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समर्पित ‘कवयित्री संगोष्ठी एवं प्रीति भोज’ का आयोजन बीती रात को शाम-ए-अदब फ़ाउंडेशन, प्रतापगढ़ के तत्वावधान में फतनपुर स्थित तिवारी जी मनपसंद ढाबा में किया गया। साहित्यिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने काव्य, संवाद और आत्मीय मेल-मिलाप के माध्यम से साहित्य के प्रति अनुराग तथा सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
आयोजन का उद्देश्य साहित्य को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम न मानकर समाज को जोड़ने, संवेदनाओं को स्वर देने और आपसी रिश्तों को मजबूत बनाने वाली शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित करना रहा।
कार्यक्रम में संरक्षक के रूप में अनिल प्रताप त्रिपाठी ‘प्रवात’ आयोजक के रूप में अखिल नारायण सिंह ‘तथा संयोजक के रूप में नियाज़ हसन प्रतापगढ़ी की भूमिका रही।
आयोजन में आमंत्रित कवयित्रियों के रूप में मीरा तिवारी,महाश्वेता सिंह,चाँदनी दुबे और कल्पना तिवारी,शामिल रहीं ।
इन साहित्यिक प्रतिभाओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष पहचान प्रदान की।
शाम-ए-अदब फ़ाउंडेशन की इस पहल का मूल भाव साहित्य के माध्यम से सामाजिक एकता, पारस्परिक सम्मान और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रीति भोज का आयोजन भी किया गया, जिसने आपसी मेल-मिलाप और आत्मीयता को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान किया।
आयोजन के संयोजक नियाज़ हसन ने साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को समाज के बीच निरंतर आगे बढ़ाने की भावना के साथ ऐसे आयोजनों के महत्व को रेखांकित किया। शाम-ए-अदब फ़ाउंडेशन की यह पहल प्रतापगढ़ में साहित्यिक संवाद और रचनात्मक वातावरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास के रूप में सामने आई।
साहित्य से जुड़े, संवाद बढ़े और समाज में भाई चारा मजबूत हो इसी भावना के साथ आयोजित यह कार्यक्रम साहित्यिक चेतना और आपसी भाईचारे का संदेश देने वाला आयोजन बना।
इस मौके पर तिवारी जी मनपसंद ढाबा के संचालक नीतीश कुमार तिवारी को शॉल,माला,बुके,और स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी,एवं कई शिक्षण संस्थाओं के संस्थापक स्व.डॉ.राजेश्वर सहाय त्रिपाठी द्वारा लिखी गई पुस्तक “फ़रार जीवन के ग्यारह मास “पुस्तक देकर सम्मानित किया गया ।
इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम कुमार त्रिपाठी,अंसार,एवं तिवारी जी मनपसंद ढाबा के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे ।
इसी क्रम में तिवारी जी मनपसंद ढाबा के संचालक नीतीश कुमार तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया ।


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